बाबा नीम करौली का आज का संदेश: प्रेम, सेवा और विश्वास ही ईश्वर तक पहुंचने का सबसे सरल मार्ग
28 जुलाई | आध्यात्मिक प्रेरणा
“किसी से द्वेष मत रखो। प्रेम से किया गया हर कार्य पूजा बन जाता है। सेवा में अहंकार नहीं, समर्पण होना चाहिए। जब मन पूरी श्रद्धा से भगवान को याद करता है, तब जीवन की सबसे कठिन राह भी सरल हो जाती है।”
बाबा नीम करौली महाराज के भक्त मानते हैं कि उनका सबसे बड़ा संदेश प्रेम, सेवा, करुणा और हनुमान जी के प्रति अटूट भक्ति था। उनका कहना था कि मनुष्य यदि निस्वार्थ भाव से दूसरों की सहायता करे और ईश्वर पर विश्वास बनाए रखे, तो जीवन में शांति और सफलता दोनों प्राप्त होती हैं।
कैंची धाम की महिमा
उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित कैंची धाम बाबा नीम करौली महाराज का सबसे प्रसिद्ध आश्रम है। इसकी स्थापना वर्ष 1964 में हुई थी और आज यह देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां प्रतिवर्ष 15 जून को स्थापना दिवस पर विशाल मेले और भंडारे का आयोजन होता है, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं।
वृंदावन आश्रम का आध्यात्मिक महत्व
वृंदावन स्थित बाबा नीम करौली महाराज का आश्रम भी भक्तों के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। यहीं बाबा ने अपने अंतिम समय में निवास किया था और उनका समाधि स्थल भी इसी आश्रम परिसर में स्थित है। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु यहां ध्यान, भजन और प्रार्थना कर आध्यात्मिक शांति का अनुभव करते हैं।
आज की प्रेरणा
“जहां प्रेम है, वहीं परमात्मा है। जहां सेवा है, वहीं सच्ची साधना है। हर परिस्थिति में हनुमान जी का स्मरण करें और विश्वास रखें कि बाबा की कृपा सदैव अपने भक्तों के साथ रहती है।”
जय गुरुदेव। जय बाबा नीम करौली महाराज। जय श्री हनुमान।
