जंगलपुर की तीरंदाजी प्रतिभाओं ने रचा नया इतिहास
चार खिलाड़ियों का रायपुर खेल अकादमी के लिए चयन, आईबी ग्रुप ने प्रशिक्षण के लिए दिया आर्थिक सहयोग
राजनांदगांव।
ग्रामीण अंचल में प्रतिभाओं को तराशने के लिए चलाए जा रहे निःशुल्क तीरंदाजी प्रशिक्षण का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। ग्राम जंगलपुर स्थित प्रशिक्षण केंद्र से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले चार खिलाड़ियों का चयन रायपुर खेल अकादमी के तीरंदाजी प्रशिक्षण के लिए हुआ है। इस उपलब्धि से जंगलपुर सहित पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।
चयनित खिलाड़ियों में रामपुर की ओजल यादव और मिष्ठी सिन्हा तथा जंगलपुर की कुमकुम साहू और नीलम सिन्हा शामिल हैं। चारों खिलाड़ियों ने एकेडमी चयन ट्रायल में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
तीन साल से मिल रहा निःशुल्क प्रशिक्षण
छत्तीसगढ़ प्रदेश तीरंदाजी संघ के मार्गदर्शन में संस्कारधानी तीरंदाजी संघ राजनांदगांव द्वारा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जंगलपुर के मैदान में पिछले तीन वर्षों से खिलाड़ियों को निःशुल्क तीरंदाजी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण केंद्र में ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों और युवाओं को खेल की बारीकियां सिखाने के साथ नियमित अभ्यास कराया जाता है।
हाल ही में आयोजित रायपुर खेल अकादमी के चयन ट्रायल में जंगलपुर प्रशिक्षण केंद्र से जुड़े खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। कड़े मुकाबले के बीच चार खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं को प्रभावित किया और अकादमी के प्रशिक्षण के लिए स्थान बनाया।
आर्थिक सहयोग से बढ़ेगा हौसला
चयनित खिलाड़ियों के प्रशिक्षण को आगे बढ़ाने के लिए आईबी ग्रुप की ओर से आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया गया है। इस सहयोग से खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण हासिल करने और खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। ग्रामीण प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलने से क्षेत्र के अन्य बच्चों में भी तीरंदाजी के प्रति रुचि बढ़ने की उम्मीद है।
चार खिलाड़ियों के चयन को प्रशिक्षकों और खेल संघ ने जंगलपुर के निःशुल्क प्रशिक्षण केंद्र की बड़ी उपलब्धि बताया है। उनका कहना है कि निरंतर अभ्यास, उचित मार्गदर्शन और सहयोग मिलने पर ग्रामीण अंचल के खिलाड़ी भी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
जंगलपुर से रायपुर खेल अकादमी तक पहुंची इन चार बेटियों की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती, जरूरत सिर्फ उसे सही मंच और मार्गदर्शन देने की है।
