प्राचार्यों की लंबित समस्याओं पर सरकार गंभीर, शिक्षा सचिव ने दिया शीघ्र निराकरण का आश्वासन
रायपुर।
छत्तीसगढ़ प्राचार्य फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को शिक्षा सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह और संचालक लोक शिक्षण डॉ. ऋतुराज रघुवंशी से मुलाकात कर प्राचार्यों की विभिन्न लंबित समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व फेडरेशन के संरक्षक एवं छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने किया।
बैठक में प्राचार्यों की पदोन्नति, समयमान वेतनमान, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (RMSA) के विद्यालयों में प्यून एवं लिपिक की व्यवस्था तथा शनिवार को प्रातःकालीन विद्यालय संचालन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने सभी विषयों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया।
फेडरेशन ने वरिष्ठ प्राचार्यों को लंबित समयमान वेतनमान का लाभ प्रदान करने की मांग रखी। इस पर शिक्षा सचिव ने सहमति जताते हुए प्रक्रिया को जल्द पूरा करने का भरोसा दिलाया। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि संबंधित प्रस्ताव पहले ही लोक शिक्षण संचालनालय को भेजा जा चुका है।प्राचार्यों की पदोन्नति के मामले में भी अधिकारियों ने आवश्यक कार्रवाई शीघ्र करने की बात कही। वहीं RMSA विद्यालयों में अंशकालीन स्वीपर, प्यून और लिपिक की व्यवस्था को लेकर विभागीय अमले से आवश्यक प्रबंध किए जाने का आश्वासन दिया गया।
बैठक में शनिवार को प्रातःकालीन विद्यालय संचालन के संबंध में भी सकारात्मक चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में जल्द आदेश जारी किए जा सकते हैं।इस दौरान शिक्षा विभाग की महत्वपूर्ण समस्या TET तथा शिक्षकों की पदोन्नति से जुड़े विषयों पर भी प्रतिनिधिमंडल ने सुझाव प्रस्तुत करते हुए ज्ञापन सौंपा। अधिकारियों ने इन मुद्दों पर भी गंभीरता से विचार करने का भरोसा दिलाया।
बैठक में छत्तीसगढ़ प्राचार्य फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष एम.आर. खान, प्रमुख सलाहकार अनुराग ओझा, प्रांतीय उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह ठाकुर एवं डॉ. भारती अग्रवाल, प्रांतीय सचिव डॉ. अनुपमा श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष चमेली वर्मा, प्राचार्य मनोज कुमार मेरसा तथा कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के महासचिव बसंत त्रिवेदी सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।फेडरेशन ने उम्मीद जताई है कि शासन और विभाग के सकारात्मक रवैये के चलते प्राचार्यों की वर्षों से लंबित समस्याओं का जल्द समाधान होगा और उन्हें उनके अधिकार एवं सुविधाएं समयबद्ध रूप से प्राप्त होंगी।
