आवारा पशुओं और कुत्तों का अब भारत पशुधन पोर्टल पर होगा पंजीयननगरीय निकायों को दिए निर्देश

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ABC सेंटर की मैपिंग और नसबंदी-वेक्सिनेशन की जानकारी भी होगी दर्ज
रायपुर।

शहरों में घूमने वाले आवारा पशुओं और आवारा कुत्तों के प्रबंधन को लेकर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने महत्वपूर्ण पहल की है। अब नगरीय क्षेत्रों में घूम रहे आवारा पशुओं के साथ आवारा कुत्तों का पंजीयन भारत पशुधन पोर्टल पर किया जाएगा। इस संबंध में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक ने प्रदेश के सभी नगर निगमों के आयुक्त तथा नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
शासकीय पत्र में कहा गया है कि भारत सरकार के मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा शहरी क्षेत्रों में आवारा पशुओं तथा आवारा कुत्तों के पंजीयन के लिए भारत पशुधन पोर्टल तैयार किया गया है। इसके तहत पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत तैयार किए गए Animal Birth Control (ABC) Centers की मैपिंग भी की जानी है।
ABC सेंटर की होगी मैपिंग
निर्देशों के अनुसार नगरीय निकायों में संचालित पशु जन्म नियंत्रण केंद्रों की जानकारी भारत पशुधन पोर्टल पर दर्ज की जाएगी। इसके लिए संबंधित जिला पशु चिकित्सक से समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है। इससे शहरों में आवारा पशुओं के नियंत्रण और उनके प्रबंधन से जुड़े कार्यों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार हो सकेगा।
नसबंदी और टीकाकरण का रिकॉर्ड भी होगा ऑनलाइन
विभाग ने 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 तक की गई Sterilization एवं Vaccination की कार्रवाई की जानकारी भी भारत पशुधन पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आवारा पशुओं का पंजीयन भी पोर्टल पर सुनिश्चित करने को कहा गया है।
प्रदेशभर के नगरीय निकायों को निर्देश
यह निर्देश प्रदेश के सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को भेजा गया है। विभाग ने क्षेत्रीय कार्यालयों को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए सूचना दी है। साथ ही संबंधित अधिकारियों को विभागीय वेबसाइट पर जानकारी अपलोड करने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
इस व्यवस्था से आवारा पशुओं और कुत्तों की पहचान, पंजीयन, नसबंदी और टीकाकरण से संबंधित जानकारी एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी, जिससे नगरीय निकायों के स्तर पर पशु प्रबंधन की निगरानी को अधिक व्यवस्थित किया जा सकेगा।

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