महंगाई भत्ता और नियमितीकरण की मांग पर कर्मचारियों का प्रदर्शन

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, 30 अक्टूबर को मंत्रालय घेराव की चेतावनी


‘एक मांग-एक मंच अभियान’ के तहत इंद्रावती भवन के सामने जुटे नियमित, अनियमित और पेंशनर्स संघों के पदाधिकारी
रायपुर। महंगाई भत्ता, अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण सहित पांच सूत्रीय मांगों को लेकर शुक्रवार को नियमित, अनियमित एवं सेवानिवृत्त कर्मचारी-अधिकारियों ने इंद्रावती भवन के सामने सांकेतिक प्रदर्शन किया। ‘एक मांग-एक मंच अभियान’ के बैनर तले आयोजित प्रदर्शन में विभिन्न कर्मचारी और पेंशनर्स संगठनों के 55 से अधिक पदाधिकारी शामिल हुए। प्रदर्शन के बाद मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन के नाम नोडल अधिकारी इंद्रावती भवन को ज्ञापन सौंपा गया।
प्रदर्शन का नेतृत्व छत्तीसगढ़ प्रदेश अधिकारी-कर्मचारी संघ के अध्यक्ष एवं अभियान के संयोजक करन सिंह अटेरिया, छत्तीसगढ़ कोषालयीन कर्मचारी संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र सिंह ठाकुर और छत्तीसगढ़ प्रगतिशील अनियमित कर्मचारी फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल प्रसाद साहू ने किया।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि नियमित, अनियमित और सेवानिवृत्त कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव सहित शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते आ रहे हैं, लेकिन मांगों पर अपेक्षित गंभीरता से निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने ‘छत्तीसगढ़ के लिए मोदी की गारंटी 2023’ के तहत कर्मचारियों और पेंशनरों से किए गए वादों को भी अब तक पूरी तरह लागू नहीं किया है।
86 महीने के एरियर्स समेत पांच प्रमुख मांगें
कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांगों में जनवरी 2026 से कर्मचारियों और पेंशनरों को महंगाई भत्ता जारी करने के साथ 86 माह के महंगाई भत्ते का एरियर्स देने की मांग शामिल है। इसके अलावा अनियमित कर्मचारियों का नियमितीकरण, निकाले गए कर्मचारियों की बहाली, न्यून मानदेय पाने वाले कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन तथा अंशकालीन कर्मचारियों को पूर्णकालीन करने की मांग की गई है।
कर्मचारियों ने आउटसोर्सिंग और ठेका व्यवस्था के माध्यम से नियोजन बंद करने, नगरीय निकाय कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करने तथा स्वास्थ्य विभाग में लैब और फार्मेसी में चल रही ठेका पद्धति समाप्त करने की मांग भी उठाई।
इसके साथ ही नियमित, अनियमित कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए मध्यप्रदेश की तर्ज पर 20 लाख रुपए तक कैशलेस उपचार सुविधा लागू करने की मांग ज्ञापन में रखी गई है।
मांगें नहीं मानी तो 30 अक्टूबर को मंत्रालय घेराव
कर्मचारी नेताओं करन सिंह अटेरिया और गोपाल प्रसाद साहू ने संयुक्त रूप से कहा कि शुक्रवार के सांकेतिक प्रदर्शन के बाद भी यदि सरकार कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। 30 अक्टूबर 2026 को जंगी प्रदर्शन करते हुए मंत्रालय घेराव किया जाएगा।
प्रदर्शन में स्वास्थ्य कर्मचारी, पेंशनर्स, शिक्षक, वाहन चालक, नगरीय निकाय प्लेसमेंट कर्मचारी, दैनिक वेतनभोगी, संविदा कर्मचारी, ग्राम पंचायत भृत्य, फायर ब्रिगेड, उद्यानिकी, विद्युत मीटर रीडर, स्वामी आत्मानंद स्कूलों के संविदा कर्मचारी सहित विभिन्न विभागों और संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
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