‘हनुमान अंश’ के बाद बढ़ी बाबा नीब करौरी की लोकप्रियता, जन्मस्थली में 15 गुना तक बढ़े श्रद्धालु

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नैनी ताल।

कैंची धाम से लेकर वृंदावन और अकबरपुर तक बढ़ी आस्था की हलचल, फिल्म ने नई पीढ़ी को बाबा की आध्यात्मिक विरासत से जोड़ा
नई दिल्ली। संत बाबा नीब करौरी महाराज के जीवन और आध्यात्मिक यात्रा पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ की सफलता का असर अब उनके प्रमुख आश्रमों और जन्मस्थली पर भी दिखाई देने लगा है। फिल्म के जरिए बाबा के जीवन, हनुमान भक्ति और उनके संदेशों से परिचित होने के बाद बड़ी संख्या में लोग उनके जीवन से जुड़े स्थलों को जानने और वहां पहुंचने में रुचि दिखा रहे हैं।
सबसे बड़ा बदलाव बाबा की जन्मस्थली अकबरपुर में सामने आया है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक यहां पिछले एक महीने में श्रद्धालुओं की संख्या 15 गुना से अधिक बढ़ी है। बाबा की जन्मस्थली के मंदिर से जुड़े महंत पंडित अवधेश शर्मा के अनुसार, पहले प्रतिदिन औसतन 50 से 100 श्रद्धालु पहुंचते थे, लेकिन अब यह संख्या 1,500 से अधिक प्रतिदिन तक पहुंच रही है। कई श्रद्धालु फिल्म देखने के बाद पहली बार अकबरपुर पहुंच रहे हैं।
कैंची धाम में भी बढ़ी दिलचस्पी
बाबा नीब करौरी की पहचान का सबसे बड़ा केंद्र उत्तराखंड का कैंची धाम है। फिल्म की सफलता के बाद कैंची धाम को लेकर देशभर में चर्चा और बढ़ी है। फिल्म की युवा निर्माता अनुप्रिया नागर भी सितंबर में कैंची धाम पहुंचीं और बाबा के दर्शन किए। उन्होंने कैंची धाम को देश-दुनिया के श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा स्थान बताया।
हालांकि कैंची धाम में फिल्म के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में कितने प्रतिशत या कितनी गुना वृद्धि हुई है, इसका कोई ताजा आधिकारिक आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है। इसलिए फिलहाल यहां बढ़ती रुचि और आवाजाही को लेकर ही स्पष्ट तौर पर बात की जा सकती है।
वृंदावन आश्रम और समाधि स्थल पर भी बढ़ा आकर्षण
बाबा नीब करौरी की आध्यात्मिक विरासत का दूसरा प्रमुख केंद्र वृंदावन है। जन्मस्थली अकबरपुर की रिपोर्ट में वृंदावन स्थित आश्रम और समाधि स्थल पर भी श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने का उल्लेख किया गया है।
फिल्म की सफलता के साथ बाबा के जीवन से जुड़े अन्य स्थानों के प्रति भी लोगों की जिज्ञासा बढ़ रही है। विशेषज्ञों और स्थानीय स्तर की रिपोर्टों में इसे धार्मिक पर्यटन और आध्यात्मिक यात्राओं के लिए नई रुचि के रूप में देखा जा रहा है।
दो करोड़ के बजट की फिल्म बनी बड़ी सफलता
‘हनुमान अंश’ की खास बात यह है कि लगभग दो करोड़ रुपये के बजट में बनी फिल्म ने शुरुआत में धीमी रफ्तार के बाद जबरदस्त गति पकड़ी। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक फिल्म की विश्वव्यापी कमाई 200 करोड़ रुपये से काफी आगे निकल चुकी है।
उत्तराखंड में फिल्म को टैक्स फ्री किए जाने के बाद भी बाबा नीब करौरी और कैंची धाम की चर्चा और तेज हुई है।
नई पीढ़ी तक पहुंची बाबा की कहानी
‘हनुमान अंश’ की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि यह मानी जा रही है कि बाबा नीब करौरी की कहानी उन लोगों तक भी पहुंची है, जो पहले उनके बारे में सीमित जानकारी रखते थे। अकबरपुर पहुंचने वाले एक श्रद्धालु ने बताया कि फिल्म देखने के बाद उन्हें पता चला कि बाबा की जन्मस्थली भी यहीं है और इसके बाद उन्होंने वहां जाने का निर्णय लिया।
इस तरह फिल्म के पर्दे से शुरू हुई बाबा नीब करौरी को जानने की उत्सुकता अब कैंची धाम, अकबरपुर और वृंदावन जैसे प्रमुख स्थलों तक पहुंचने वाली आस्था की यात्रा में बदलती दिखाई दे रही है। हालांकि आने वाले महीनों में इन स्थलों पर वास्तविक श्रद्धालु संख्या का आधिकारिक आंकड़ा ही इस बदलाव की पूरी तस्वीर सामने ला सकेगा।
खबर का सबसे मजबूत आंकड़ा: अकबरपुर में 50–100 से बढ़कर 1,500+ श्रद्धालु प्रतिदिन, यानी रिपोर्ट के अनुसार 15 गुना से अधिक वृद्धि।

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