पटवारियों की हड़ताल में गूंज रहे माता रानी के भजन, राजस्व के काम भगवान भरोसे
कर्मचारी भवन में भजन-कीर्तन का माहौल, जमीन संबंधी काम अटके; नामांतरण और सीमांकन के लिए भटक रहे लोग
जांजगीर।
जिले में राजस्व पटवारी संघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल के बीच केरा रोड स्थित कर्मचारी भवन में इन दिनों माता रानी के भजन-कीर्तन गूंज रहे हैं। हड़ताल के बीच भक्ति का माहौल नजर आ रहा है, लेकिन दूसरी ओर राजस्व संबंधी कामकाज प्रभावित होने से आम लोगों की परेशानियां बढ़ रही हैं। जमीन से जुड़े जरूरी काम कराने के लिए सरकारी दफ्तरों का रुख कर रहे लोगों को इंतजार करना पड़ रहा है।
पटवारियों की हड़ताल का असर जमीन के नामांतरण, सीमांकन और अन्य राजस्व संबंधी प्रकरणों पर पड़ रहा है। इन कार्यों के लिए पटवारी स्तर पर जानकारी, रिपोर्ट और सत्यापन की जरूरत होती है। ऐसे में कामकाज प्रभावित होने से उन लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, जिन्हें जमीन संबंधी दस्तावेजों के आधार पर बैंकिंग, पंजीयन अथवा अन्य जरूरी काम पूरे करने हैं।
भक्ति के बीच जनता के काम पर ब्रेक
केरा रोड स्थित कर्मचारी भवन में माता रानी के भजन-कीर्तन का माहौल है। हड़ताल के दौरान कर्मचारी भवन में धार्मिक गतिविधियां दिखाई दे रही हैं, जबकि राजस्व संबंधी काम कराने की उम्मीद लेकर पहुंचने वाले लोगों को इंतजार करना पड़ रहा है। कर्मचारियों की मांगों और आंदोलन के बीच आम जनता की समस्याएं भी चर्चा का विषय बन रही हैं।
हड़ताल से बढ़ सकती है आम लोगों की परेशानी
राजस्व विभाग का काम सीधे किसानों, जमीन मालिकों और आम नागरिकों से जुड़ा है। नामांतरण, सीमांकन और अन्य प्रकरणों में देरी होने से लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं। विशेषकर उन लोगों के लिए स्थिति मुश्किल हो सकती है, जिनके काम समयसीमा से जुड़े हैं।
अब सवाल यह है कि पटवारियों की मांगों पर समाधान कब निकलेगा और राजस्व संबंधी कामकाज कब सामान्य होगा। हड़ताल लंबी खिंचने की स्थिति में लंबित प्रकरणों का दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन के सामने आंदोलन का समाधान निकालने के साथ आम लोगों के जरूरी राजस्व कार्यों को सुचारु रखने की चुनौती भी है।
