सौतेली बेटी से दुष्कर्म कर गर्भवती करने वाले पिता को उम्रकैद, अंतिम सांस तक जेल में रहेगा आरोपी
बिलासपुर।
सौतेली बेटी से दुष्कर्म कर उसे गर्भवती बनाने के जघन्य अपराध में विशेष पॉक्सो न्यायालय ने आरोपी पिता को कठोरतम सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी को आजीवन कारावास (शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक) की सजा देते हुए स्पष्ट किया कि वह अपनी अंतिम सांस तक जेल में रहेगा।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मजबूत साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए, जिसके आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार दिया। यह मामला न केवल पारिवारिक विश्वास को तार-तार करने वाला था, बल्कि एक मासूम बच्ची के साथ हुए गंभीर अपराध का भी प्रतीक बना।
न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि ऐसे अपराध समाज के लिए बेहद घातक हैं और इनके प्रति किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जा सकती। फैसले को बाल संरक्षण कानूनों के तहत एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।
इस मामले में पुलिस की विवेचना भी सराहनीय रही। जांच अधिकारी टीआई रजनीश सिंह ने साक्ष्यों का वैज्ञानिक एवं प्रभावी संकलन कर मजबूत केस तैयार किया, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी को कड़ी सजा दिलाने में सफलता मिली। उत्कृष्ट विवेचना के लिए टीआई रजनीश सिंह को नकद पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।
पुलिस अधिकारियों ने इसे पीड़ित बच्चों को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
मुख्य बिंदु
सौतेली बेटी से दुष्कर्म कर गर्भवती करने का मामला।
विशेष पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी पिता को दोषी ठहराया।
अंतिम सांस तक जेल में रहने की सजा सुनाई गई।
मजबूत विवेचना के चलते मिला न्याय।
जांच अधिकारी टीआई रजनीश सिंह को नकद पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
