सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत: मुख्यमंत्री साय ने शुरू की वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण योजना
रायपुर।
छत्तीसगढ़ के शासकीय कर्मचारियों को आर्थिक राहत देने की दिशा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण योजना’ का शुभारंभ किया। मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने योजना का ब्रोशर भी जारी किया। इस योजना के तहत अब कर्मचारियों को आकस्मिक जरूरतों के लिए ऊंची ब्याज दर पर निजी ऋण लेने की मजबूरी नहीं होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासकीय सेवक राज्य के विकास की रीढ़ हैं और उनकी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था के तहत कर्मचारी ई-कोष प्रणाली के माध्यम से पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस प्रक्रिया में अपनी पात्रता के अनुसार अल्पावधि ऋण प्राप्त कर सकेंगे। इससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि पारदर्शिता और डेटा सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने बताया कि कर्मचारियों के लिए कैशलेस मेडिकल सुविधा के बाद यह सरकार का एक और बड़ा कर्मचारी हितैषी कदम है। उन्होंने कहा कि पायलट चरण के दो महीनों में 73 हजार से अधिक कर्मचारियों ने पंजीयन कराया, जबकि 27 हजार कर्मचारी इस सुविधा का लाभ ले चुके हैं। भविष्य में बेहतर क्रेडिट स्कोर वाले कर्मचारियों को प्रतिस्पर्धी ब्याज दरों पर अधिक राशि का ऋण उपलब्ध कराने की भी योजना है।
योजना के तहत कर्मचारी ई-कोष के एम्प्लॉयी कॉर्नर से ऑनलाइन आवेदन करेंगे। ई-केवाईसी, डिजिटल प्रमाणीकरण और सहमति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ऋण की स्वीकृति और राशि का वितरण त्वरित रूप से किया जाएगा। वित्त विभाग ने इसके लिए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी जारी की है।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी संघ के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही जरूरत को पूरा करेगी और आकस्मिक परिस्थितियों में उन्हें सम्मानजनक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएगी।
कार्यक्रम में मुख्य सचिव विकासशील, वित्त विभाग के विशेष सचिव चंदन कुमार, लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश बंसल, संचालक (बजट एवं वित्त) ऋषभ पराशर, मंत्रालयीन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष चंद्रकांत पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
