1 अक्टूबर को रायपुर में भारतीय मजदूर संघ का विशाल प्रदर्शन, प्रदेश कार्यसमिति की विस्तारित बैठक में बनी रणनीति
श्रमिक हितों की मांगों की अनदेखी का आरोप, क्षेत्रीय संगठन मंत्री राजेश जी ने कहा—सरकार को अपनी ताकत दिखाएगा मजदूर संघ
रायपुर।
भारतीय मजदूर संघ की प्रदेश कार्यसमिति की विस्तारित बैठक में आगामी 1 अक्टूबर को रायपुर में आयोजित होने वाले विशाल धरना, रैली एवं प्रदर्शन की तैयारियों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्री राजेश जी, प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती शोभा सिंह देव, महामंत्री शंख ध्वनि सिंह बनाकर सहित प्रदेश पदाधिकारी, कार्यसमिति सदस्य एवं विभिन्न महासंघों और संबद्ध यूनियनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 अक्टूबर को राजधानी रायपुर में होने वाले आंदोलन को सफल बनाने के लिए संगठन स्तर पर तैयारियों की रूपरेखा तय की गई। पदाधिकारियों को अपने-अपने महासंघ एवं संबद्ध यूनियनों में बैठक कर कार्ययोजना तैयार करने तथा अधिक से अधिक श्रमिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
श्रमिक हितों की अनदेखी पर संघर्ष का रास्ता
बैठक को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्री राजेश जी ने कहा कि भारतीय मजदूर संघ लंबे समय से श्रमिकों के हितों से जुड़ी विभिन्न मांगों को सरकार के समक्ष उठाता रहा है। लेकिन मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण संगठन को अब श्रमिक हितों के लिए संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि 1 अक्टूबर को रायपुर में विशाल रैली एवं प्रदर्शन के माध्यम से सरकार को श्रमिकों की एकजुटता और संगठन की ताकत का अहसास कराया जाएगा। उन्होंने सभी महासंघों एवं संबद्ध यूनियनों से आह्वान किया कि वे अपने स्तर पर ठोस कार्ययोजना बनाकर आंदोलन की तैयारी करें।
अधिक से अधिक श्रमिकों की भागीदारी पर जोर
प्रदेश कार्यसमिति की विस्तारित बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि आंदोलन को प्रभावी और व्यापक बनाने के लिए प्रदेशभर से श्रमिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। इसके लिए संगठन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपकर आगामी दिनों में व्यापक संपर्क अभियान चलाने की रणनीति पर चर्चा की गई।
बैठक में पदाधिकारियों ने कहा कि श्रमिकों की लंबित मांगों के समाधान के लिए संगठन लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करेगा। 1 अक्टूबर का प्रदर्शन श्रमिक हितों से जुड़े मुद्दों को सरकार के सामने मजबूती से रखने और मांगों पर निर्णय कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।
