छत्तीसगढ़ भाजपा में संगठन को लेकर दो दिन मंथन,18जिलाध्यक्षों से ली गई रिपोर्ट,
जिला से लेकर बूथ स्तर तक संगठनात्मक गतिविधियां बढ़ाने के निर्देश, आगामी चुनाव को लेकर तैयारियों की समीक्षा
रायपुर।
छत्तीसगढ़ भाजपा में संगठन को और मजबूत करने तथा आगामी चुनावों की तैयारियों को लेकर दो दिवसीय मंथन की शुरुआत मंगलवार से हुई। बैठक के पहले दिन प्रदेश के 18 जिलों के जिला अध्यक्षों से संगठन की गतिविधियों और जमीनी स्थिति को लेकर विस्तृत रिपोर्ट ली गई। इस दौरान जिलों में संचालित योजनाओं, पार्टी कार्यक्रमों और संगठनात्मक गतिविधियों की भी विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल और प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय प्रमुख रूप से मौजूद रहे। जिला अध्यक्षों और पार्टी पदाधिकारियों ने अपने-अपने जिलों में संगठन की मौजूदा स्थिति, चल रहे कार्यक्रमों और आगामी गतिविधियों की जानकारी वरिष्ठ नेताओं के सामने रखी।
बैठक में संगठन के कामकाज की समीक्षा के साथ आने वाले दिनों के कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी चर्चा हुई। पार्टी नेतृत्व ने जिलों में संगठन को और अधिक सक्रिय बनाने पर जोर दिया। खासकर आगामी चुनाव को ध्यान में रखते हुए जिला, मंडल, शक्ति केंद्र और बूथ स्तर तक संगठनात्मक गतिविधियां तेज करने के निर्देश दिए गए।
जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने पर जोर
बैठक में मौजूदा राजनीतिक और संगठनात्मक स्थिति को लेकर भी जिला अध्यक्षों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। पार्टी पदाधिकारियों से कहा गया कि संगठन के कार्यक्रम केवल जिला मुख्यालय तक सीमित न रहें, बल्कि मंडल, शक्ति केंद्र और बूथ स्तर तक उनकी प्रभावी पहुंच सुनिश्चित की जाए। कार्यकर्ताओं के साथ नियमित संवाद और क्षेत्र में सक्रियता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
वरिष्ठ संगठन नेताओं ने जिलों में चल रही गतिविधियों की प्रगति की जानकारी लेते हुए आगामी कार्यक्रमों को लेकर आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए। साथ ही संगठन की योजनाओं और पार्टी के कार्यक्रमों को आम लोगों तक पहुंचाने तथा कार्यकर्ताओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।
भाजपा के लिए यह दो दिवसीय बैठक संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पहले दिन 18 जिलों की समीक्षा के बाद अगले चरण में अन्य जिलों की संगठनात्मक स्थिति पर भी मंथन किया जाएगा। माना जा रहा है कि बैठक में मिले फीडबैक के आधार पर आने वाले समय में संगठन को लेकर नई रणनीति और जिम्मेदारियां तय की जा सकती हैं।
