राखी पर रिश्तों की राह में लगा ‘जाम’, शिवरीनारायण-गिधौरी पुल पर थमी रफ्तार
महानदी पुल पर वाहनों की लंबी कतार, भाई की कलाई सजाने बहनों की दौड़ ने बढ़ाया ट्रैफिक दबाव
तीन घंटे बाद भी हालात बेकाबू, घंटों जाम में फंसे रहे लोग; पुल पर थमी रफ्तार, रिश्तों का सफर जारी
जांजगीर/शिवरीनारायण।
रक्षाबंधन के त्योहार पर भाई-बहन के रिश्तों में मिठास घोलने निकले लोगों को शुक्रवार को सड़क पर जाम की बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा। शिवरीनारायण-गिधौरी महानदी पुल पर वाहनों का दबाव अचानक बढ़ने से लंबी कतार लग गई। देखते ही देखते पुल के दोनों ओर वाहनों की लाइन दूर तक पहुंच गई और यातायात की रफ्तार पूरी तरह प्रभावित हो गई।
रक्षाबंधन के चलते सुबह से ही बड़ी संख्या में बहनें अपने भाइयों के घर पहुंचने के लिए रवाना हुईं। वहीं, त्योहार मनाने के लिए दूसरे शहरों और गांवों से भी लोग अपने घरों की ओर निकले। इसके कारण महानदी पुल पर सामान्य दिनों की तुलना में वाहनों की संख्या कई गुना बढ़ गई। कार, बाइक, बस और अन्य छोटे-बड़े वाहन जाम में फंसते चले गए।
तीन घंटे बाद भी नहीं सुधरे हालात
पुल पर जाम की स्थिति इतनी गंभीर रही कि करीब तीन घंटे बीतने के बाद भी यातायात सामान्य नहीं हो सका। वाहन धीरे-धीरे आगे बढ़ते रहे, जबकि कई लोग घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और परिवार के साथ सफर कर रहे लोगों को हुई।
त्योहार के उत्साह के बीच जाम ने लोगों की मुश्किल बढ़ा दी, लेकिन भाई की कलाई पर राखी बांधने की चाहत के आगे यह परेशानी भी छोटी नजर आई। कई बहनें लंबी कतार के बीच अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए धैर्य के साथ आगे बढ़ती रहीं।
पुल पर थमी रफ्तार, रिश्तों का सफर जारी
महानदी पुल पर वाहनों की रफ्तार भले ही थम गई, लेकिन भाई-बहन के रिश्तों का सफर जारी रहा। किसी के हाथ में राखी और मिठाई का पैकेट था तो कोई परिवार के साथ त्योहार मनाने निकला था। जाम में फंसे लोगों के चेहरों पर परेशानी साफ दिखी, लेकिन रक्षाबंधन को लेकर उत्साह भी बरकरार रहा।
त्योहार के मद्देनजर पुल पर बढ़े यातायात दबाव को देखते हुए यातायात व्यवस्था को संभालना बड़ी चुनौती बन गया। लोगों का कहना रहा कि रक्षाबंधन जैसे प्रमुख त्योहारों पर इस मार्ग पर पहले से अतिरिक्त यातायात व्यवस्था की जरूरत है, ताकि लोगों को घंटों जाम में न फंसना पड़े।
रिश्तों की डोर मजबूत करने निकले लोगों के लिए शुक्रवार को महानदी पुल पर सफर भले ही मुश्किल रहा, लेकिन भाई की कलाई तक पहुंचने की उम्मीद ने हर किसी को जाम के बीच आगे बढ़ते रहने की हिम्मत दी।
