जब बाबा नीब करौरी महाराज ने कहा—हनुमान जी पर भरोसा रखो, रास्ता स्वयं बन जाएगा
बाबा की भक्ति में ऐसी शक्ति थी कि संकट में घिरे भक्त को भी मिल जाता था विश्वास का सहारा
रायपुर। बाबा नीब करौरी महाराज को उनके भक्त प्रेम, करुणा और हनुमान भक्ति की अद्भुत प्रतिमूर्ति मानते हैं। बाबा के जीवन से जुड़ी अनेक कथाएं आज भी उनके भक्तों के बीच श्रद्धा के साथ सुनाई जाती हैं। इन कथाओं में एक बात बार-बार सामने आती है—बाबा अपने भक्तों को चमत्कार के पीछे भागने के बजाय भगवान पर विश्वास, सेवा और सच्चे मन से प्रार्थना करने का संदेश देते थे।
कहा जाता है कि बाबा के पास जब भी कोई व्यक्ति अपनी परेशानी लेकर पहुंचता, तो बाबा उसकी समस्या सुनने के बाद अक्सर उसे हनुमान जी का स्मरण करने और भय छोड़ने की सलाह देते थे। बाबा का मानना था कि मनुष्य जब पूरी श्रद्धा से भगवान का नाम लेता है तो उसके भीतर संकट का सामना करने की शक्ति पैदा होती है।
भक्तों के बीच प्रचलित एक प्रसंग के अनुसार, एक व्यक्ति जीवन की कठिन परिस्थितियों से परेशान होकर बाबा के पास पहुंचा। उसने अपनी परेशानियां बताते हुए कहा कि उसे आगे कोई रास्ता दिखाई नहीं दे रहा। बाबा ने उसकी बात सुनी और शांत भाव से उसे हनुमान जी का नाम लेने तथा निस्वार्थ भाव से सेवा करने की प्रेरणा दी।
बाबा ने उसे समझाया कि संकट कितना भी बड़ा क्यों न हो, मनुष्य को अपना विश्वास नहीं खोना चाहिए। भक्त ने बाबा के शब्दों को जीवन का आधार बनाया और कुछ समय बाद उसकी परिस्थितियां धीरे-धीरे बदलने लगीं। उसके जीवन में समस्याओं का समाधान निकलने लगा।
भक्तों के लिए यह घटना केवल एक चमत्कार की कथा नहीं थी, बल्कि बाबा के संदेश का उदाहरण थी। बाबा यह समझाते थे कि ईश्वर पर विश्वास का अर्थ केवल इच्छा पूरी होने की प्रतीक्षा करना नहीं, बल्कि कठिन समय में भी सही रास्ते पर चलते रहना है।
बाबा की भक्ति का केंद्र थे हनुमान
बाबा नीब करौरी महाराज की आध्यात्मिक साधना और उनके संदेशों में हनुमान भक्ति का विशेष स्थान माना जाता है। उनके अनुयायी उन्हें हनुमान जी का अनन्य भक्त मानते हैं। बाबा के लिए सेवा, प्रेम और भक्ति अलग-अलग चीजें नहीं थीं। वे मानते थे कि जरूरतमंद की मदद करना और बिना किसी स्वार्थ के सेवा करना भी भगवान की पूजा का ही एक रूप है।
उनसे जुड़ी कथाओं में बार-बार यही भाव मिलता है कि जहां प्रेम है, वहां भगवान हैं और जहां सेवा है, वहां भक्ति अपने आप प्रकट होती है।
आज भी जीवित है बाबा का संदेश
बाबा नीब करौरी महाराज भले ही भौतिक रूप से भक्तों के बीच नहीं हैं, लेकिन उनके आश्रमों और अनुयायियों के बीच उनकी शिक्षाएं आज भी जीवित हैं। उनके भक्त संकट की घड़ी में हनुमान जी का स्मरण करते हैं और बाबा के उस संदेश को याद करते हैं कि भय के बजाय विश्वास को अपने जीवन का आधार बनाना चाहिए।
बाबा की गाथाओं का सबसे बड़ा संदेश यही है कि ईश्वर के प्रति सच्ची श्रद्धा, मानव सेवा और प्रेम से जीवन की कठिन राह भी आसान हो सकती है।
