गंभीर रूप से बीमार भक्त से मिलने पहुंचे बाबा नीम करौली, बोले- ‘सब ठीक हो जाएगा’

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हनुमान जी का नाम लेने और 108 बार हनुमान चालीसा सुनाने की दी सीख, तीन दिन बाद स्वस्थ हुआ भक्त

वृंदावन।
बाबा नीम करौली महाराज के जीवन से जुड़े अनेक ऐसे प्रसंग भक्तों के बीच आज भी श्रद्धा के साथ सुनाए जाते हैं, जिनमें उनकी करुणा, आशीर्वाद और हनुमान भक्ति की झलक दिखाई देती है। ऐसा ही एक प्रसंग एक ऐसे भक्त का है, जिसकी तबीयत बेहद खराब हो गई थी। उसकी गंभीर स्थिति की खबर बाबा नीम करौली तक पहुंची तो वे स्वयं उसके घर पहुंच गए।
बताया जाता है कि उस समय घर में मौजूद डॉक्टर ने भक्त की हालत को गंभीर बताया था। बाबा ने स्थिति को देखकर भक्त के पास बैठकर उसे भरोसा दिलाया और कहा कि ‘सब ठीक हो जाएगा। हनुमान जी का नाम लो।’ इसके बाद बाबा ने वहां मौजूद उसके बेटे को विशेष रूप से निर्देश दिया कि वह अपने पिता को 108 बार हनुमान चालीसा पढ़कर सुनाए।
बाबा के निर्देश के अनुसार बेटे ने लगातार हनुमान चालीसा का पाठ किया। भक्तों के अनुसार इसके बाद उसकी हालत में धीरे-धीरे सुधार आने लगा और करीब तीन दिन बाद वह पूरी तरह स्वस्थ हो गया। इस घटना को बाबा के भक्त उनकी कृपा और हनुमान जी के प्रति उनकी अटूट आस्था से जोड़कर देखते हैं।
बताया जाता है कि बाबा जब वहां से जाने लगे तो उन्होंने भक्त के परिवार को आशीर्वाद देते हुए उसके बेटे से भी कुछ ऐसा कहा, जिसे बाद में परिवार ने बाबा की अद्भुत दृष्टि और आशीर्वाद के रूप में याद किया। बाबा के भक्तों के बीच ऐसी अनेक कथाएं प्रचलित हैं, जिनमें वे लोगों को संकट के समय ईश्वर का स्मरण, हनुमान जी की भक्ति और सेवा का मार्ग बताते नजर आते हैं।
बाबा नीम करौली महाराज के भक्त उन्हें हनुमान जी का अनन्य भक्त और कई श्रद्धालु तो हनुमान जी का अवतार तक मानते हैं। उनके जीवन से जुड़े इन प्रसंगों में आस्था रखने वाले भक्तों का कहना है कि बाबा लोगों को चमत्कार से अधिक भक्ति, सेवा, प्रेम और ईश्वर-स्मरण का संदेश देते थे।
इसीलिए बाबा से जुड़े प्रसंग आज भी उनके भक्तों के बीच श्रद्धा और विश्वास के साथ सुनाए जाते हैं। गंभीर बीमारी से जूझ रहे उस भक्त का यह प्रसंग भी उनके भक्तों के लिए बाबा की करुणा, हनुमान भक्ति और आशीर्वाद की स्मृति के रूप में जीवित है।

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