कैंची धाम में आस्था का सैलाब, अब दर्शन के लिए बन सकता है नया सिस्टम

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पिछले सप्ताह 50 हजार से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे, लंबा जाम लगा; प्रशासन ने 20-25 हजार की दैनिक सीमा पर किया मंथन


नैनीताल।

बाबा नीम करौली की तपोभूमि कैंची धाम में इन दिनों श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। गांधी जयंती के लंबे सप्ताहांत में यहां रोजाना 35 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की जानकारी सामने आई, जबकि कुछ रिपोर्टों में भीड़ 50 हजार से ज्यादा बताई गई है। भारी भीड़ के कारण कैंची धाम के साथ भवाली और भीमताल मार्ग पर भी यातायात प्रभावित हुआ और कई किलोमीटर तक वाहनों की कतारें लगीं।
अब भीड़ को नियंत्रित करने की तैयारी
लगातार बढ़ते दबाव को देखते हुए प्रशासन ने कैंची धाम में भीड़ प्रबंधन की नई व्यवस्था तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत की अध्यक्षता में हुई बैठक में श्रद्धालुओं के लिए अनिवार्य पंजीयन, मंदिर में अलग प्रवेश और निकास, शटल सेवा, पार्किंग तथा ट्रैफिक व्यवस्था को मजबूत करने जैसे प्रस्तावों पर चर्चा हुई। रोजाना करीब 20 से 25 हजार श्रद्धालुओं की संख्या को फिलहाल प्रबंधनीय सीमा मानने पर भी विचार किया गया है।
जिलाधिकारी और एसएसपी की ओर से राज्य सरकार को पंजीयन व्यवस्था को लेकर संयुक्त प्रस्ताव भेजे जाने की बात सामने आई है। फिलहाल पंजीयन अनिवार्य नहीं है और श्रद्धालु बिना पूर्व पंजीयन के दर्शन कर सकते हैं। प्रस्ताव मंजूर होने के बाद शुरुआत में सप्ताहांत पर पंजीयन व्यवस्था लागू किए जाने की योजना है।
छह महीने में 24 लाख से ज्यादा श्रद्धालु
कैंची धाम की बढ़ती लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 2026 के पहले छह महीनों में करीब 24.34 लाख लोग यहां पहुंचे। पिछले पूरे साल में यह संख्या करीब आठ लाख थी। श्रद्धालुओं में बड़ी संख्या उत्तराखंड से बाहर के लोगों की है और युवाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय बताई गई है।
‘हनुमान अंश’ के बाद बढ़ी चर्चा
बाबा नीम करौली के जीवन और शिक्षाओं पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ की रिलीज के बाद कैंची धाम को लेकर युवाओं में भी रुचि बढ़ने की बात सामने आई है। हालांकि प्रशासन ने भीड़ बढ़ने के पीछे फिल्म के साथ-साथ मानसून समाप्त होने के बाद पहाड़ों में बढ़े पर्यटन को भी प्रमुख कारण बताया है।
अभी स्थिति क्या है?
लंबे सप्ताहांत के दौरान बनी जाम और भीड़ की स्थिति अब पहले जैसी गंभीर नहीं बताई जा रही है। प्रशासन के अनुसार अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और ट्रैफिक प्रबंधन से स्थिति संभाली गई है। लेकिन लगातार बढ़ते श्रद्धालुओं के दबाव को देखते हुए स्थायी क्राउड मैनेजमेंट सिस्टम बनाने पर जोर है।
खास बात यह है कि अभी कैंची धाम में दर्शन के लिए कोई अनिवार्य रजिस्ट्रेशन लागू नहीं हुआ है। रजिस्ट्रेशन और श्रद्धालुओं की दैनिक सीमा संबंधी प्रस्ताव अभी प्रशासनिक प्रक्रिया में हैं।

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