छत्तीसगढ़ में खुला पहला शासकीय होम्योपैथी कॉलेज, 63 सीटों पर मिलेगा प्रवेश का मौका
नवा रायपुर के कॉलेज को सत्र 2026-27 के लिए सशर्त अनुमति, NEET के जरिए होगा दाखिला; 15 प्रतिशत सीटें अखिल भारतीय कोटे में रहेंगी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में चिकित्सा शिक्षा की पढ़ाई करने वाले युवाओं के लिए नया विकल्प खुला है। नवा रायपुर के उपरवारा स्थित यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ होम्योपैथी को शैक्षणिक सत्र 2026-27 से बीएचएमएस (बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी) पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए 63 सीटों पर सशर्त अनुमति मिली है। राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग के चिकित्सा आकलन एवं रेटिंग बोर्ड ने 12 अक्टूबर को यह अनुमति जारी की। इसे प्रदेश में शासकीय होम्योपैथी चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अब प्रदेश में ही पढ़ाई का मिलेगा अवसर
अब तक होम्योपैथी चिकित्सा में स्नातक की पढ़ाई करने के इच्छुक विद्यार्थियों को उपलब्ध कॉलेजों और सीटों के विकल्पों के आधार पर अपना भविष्य तय करना पड़ता था। नवा रायपुर में शासकीय कॉलेज शुरू होने से विद्यार्थियों को प्रदेश में ही बीएचएमएस की पढ़ाई का एक नया अवसर मिलेगा। इससे दूसरे राज्यों में जाकर पढ़ाई करने के विकल्प पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिल सकती है, हालांकि यह विद्यार्थियों की पसंद और उपलब्ध सीटों पर निर्भर करेगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार चिकित्सा शिक्षा के विस्तार पर जोर दे रही है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इसे आयुष चिकित्सा शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे प्रदेश के विद्यार्थियों को होम्योपैथी में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के अवसर बढ़ेंगे।
NEET के आधार पर होगा प्रवेश
कॉलेज में दाखिला राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में अर्हता प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों के माध्यम से होगा। कुल 63 सीटों में न्यूनतम 15 प्रतिशत सीटें अखिल भारतीय कोटे के लिए निर्धारित रहेंगी। शेष 85 प्रतिशत सीटों पर संबंधित राज्य या केंद्रशासित प्रदेश की सक्षम काउंसलिंग संस्था नियमानुसार प्रवेश प्रक्रिया संचालित करेगी। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) की सीटें भी स्वीकृत प्रवेश क्षमता में शामिल हैं।
इसलिए इच्छुक विद्यार्थियों को NEET की पात्रता, काउंसलिंग कार्यक्रम, श्रेणीवार सीटों और आवश्यक दस्तावेजों से संबंधित आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखनी चाहिए। प्रवेश की तारीख और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी संबंधित काउंसलिंग प्राधिकरण के निर्देशों से स्पष्ट होगी।
निरीक्षण के बाद मिली सशर्त अनुमति
राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग ने कॉलेज का 21 और 22 जुलाई 2026 को निरीक्षण किया था। इसके बाद 7 सितंबर को सुनवाई हुई। निरीक्षण रिपोर्ट, उपलब्ध संसाधनों, निर्धारित मानकों और प्रस्तुत अनुपालन विवरण की समीक्षा के बाद 12 अक्टूबर को सशर्त अनुमति जारी की गई।
सशर्त अनुमति मिलने का अर्थ है कि कॉलेज को संबंधित नियामकीय शर्तों और मानकों का पालन करना होगा। विद्यार्थियों को प्रवेश लेने से पहले कॉलेज की अंतिम स्वीकृति, मान्यता की स्थिति और प्रवेश संबंधी आधिकारिक निर्देशों की पुष्टि कर लेनी चाहिए।
आयुष शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मिल सकता है लाभ
63 सीटों के साथ बीएचएमएस पाठ्यक्रम शुरू होने से प्रदेश में होम्योपैथी के क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में पहल होगी। भविष्य में शिक्षण, प्रशिक्षण और संबंधित चिकित्सा सेवाओं के विस्तार की संभावनाएं भी बनेंगी। हालांकि, इसका वास्तविक लाभ कॉलेज में आवश्यक शैक्षणिक और चिकित्सालयीन सुविधाओं के विकास तथा नियामकीय मानकों के पालन पर निर्भर करेगा।
प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए यह नई शुरुआत है। अब निगाहें प्रवेश प्रक्रिया, कॉलेज में उपलब्ध सुविधाओं और आगामी शैक्षणिक सत्र के संचालन पर रहेंगी।
