जंगली कंद खाने से तीन महिलाओं की तबीयत बिगड़ी
नगरी।
कंद खाने के कुछ ही मिनटों के भीतर तीनों महिलाओं की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। महज दो मिनट में परेशानी शुरू होने से परिजन घबरा गए। बिना समय गंवाए उन्हें नगरी स्वास्थ्य चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने तत्काल उपचार शुरू किया। समय पर अस्पताल पहुंचने और इलाज मिलने से बड़ा हादसा टल गया।
समय पर अस्पताल पहुंचना रहा निर्णायक
चिकित्सक डॉ. प्रवीण शांडिल्य के अनुसार, तीनों महिलाओं को समय रहते अस्पताल लाया जाना उनकी जान बचाने में अहम साबित हुआ। फिलहाल सभी की स्थिति खतरे से बाहर है और उनका उपचार जारी है।
जंगली कंद की पहचान में न करें चूक
यह घटना जंगलों में मिलने वाले कंदमूल के सेवन को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत को रेखांकित करती है। कई जंगली कंद दिखने में एक-दूसरे जैसे होते हैं, लेकिन उनमें से कुछ जहरीले भी हो सकते हैं। केवल रंग, आकार या बाहरी बनावट देखकर किसी कंद को खाने योग्य मान लेना खतरनाक साबित हो सकता है।
विशेषज्ञों की सलाह है कि जंगली कंद की पहचान को लेकर जरा भी संदेह हो तो उसका सेवन न करें। उबालने या पकाने से भी हर प्रकार के विषैले तत्व नष्ट नहीं होते। ऐसे किसी कंद के सेवन के बाद तबीयत बिगड़ने पर घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय तत्काल अस्पताल पहुंचना चाहिए। नगरी की यह घटना जंगल से मिलने वाले खाद्य पदार्थों के प्रति सतर्कता बरतने की जरूरी सीख देती है।
