छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट तेज, तीन वरिष्ठ नेताओं को मिल सकती है जगह
दशहरा के बाद मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चा, 25 अक्टूबर को प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के संभावित दौरे पर टिकी नजरें
रायपुर।
छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार में एक बार फिर मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस बार मंत्रिमंडल में तीन वरिष्ठ नेताओं को जगह मिल सकती है, जबकि कुछ मौजूदा मंत्रियों की छुट्टी भी हो सकती है। हालांकि, संभावित फेरबदल को लेकर भाजपा की ओर से अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
राजनीतिक चर्चाओं के मुताबिक, दशहरा के आसपास या उसके बाद मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। इस संभावित बदलाव को लेकर 25 अक्टूबर को प्रदेश भाजपा प्रभारी स्मृति ईरानी के छत्तीसगढ़ दौरे की चर्चा भी अहम मानी जा रही है। माना जा रहा है कि केंद्रीय नेतृत्व के साथ संगठनात्मक और राजनीतिक समीकरणों पर विचार-विमर्श के बाद इस दिशा में कोई फैसला हो सकता है।
अजय चंद्राकर के नाम की चर्चा
मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच वरिष्ठ भाजपा नेता अजय चंद्राकर का नाम भी चर्चा में बताया जा रहा है। इसके अलावा कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की संभावनाएं जताई जा रही हैं। हालांकि, किन नेताओं को मौका मिलेगा, इसे लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
परफॉर्मेंस के आधार पर बदलाव की अटकलें
राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि संभावित फेरबदल में मंत्रियों के कामकाज और संगठन के साथ उनके तालमेल को महत्व दिया जा सकता है। जिन मंत्रियों के प्रदर्शन को अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं माना जा रहा है, उनके विभागों में बदलाव या मंत्रिमंडल से बाहर किए जाने की संभावना पर भी अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
केंद्रीय नेतृत्व की सहमति के बाद फैसला संभव
भाजपा में मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल से जुड़े बड़े फैसलों में केंद्रीय नेतृत्व की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है। ऐसे में संभावित विस्तार को लेकर अंतिम निर्णय भी शीर्ष नेतृत्व की सहमति के बाद ही होने की संभावना है। राजनीतिक चर्चाओं में चार नए मंत्रियों को शामिल किए जाने की बात भी कही जा रही है, जबकि कुछ अन्य अटकलों में तीन वरिष्ठ नेताओं को मौका मिलने की संभावना जताई जा रही है। इस कारण मंत्रिमंडल में संभावित बदलाव का वास्तविक स्वरूप फिलहाल स्पष्ट नहीं है।
फिलहाल मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल को लेकर राजनीतिक चर्चाएं जरूर तेज हैं, लेकिन भाजपा संगठन या सरकार की ओर से कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में सबकी नजरें आगामी राजनीतिक बैठकों, प्रदेश प्रभारी के संभावित दौरे और केंद्रीय नेतृत्व के रुख पर टिकी हैं।
