OTS-2 योजना से 251.71 करोड़ की संपत्तियां बिकीं, 997 इकाइयां अब भी खाली
गृह निर्माण मंडल की योजना में 62.5% बिक्री, मार्च 2027 तक मिलेगा 10 से 30 प्रतिशत छूट का लाभ
रायपुर.
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की वन टाइम सेटलमेंट योजना-2 (OTS-2) के तहत अब तक 1,659 आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों का विक्रय किया जा चुका है। इन संपत्तियों का कुल मूल्य 251.71 करोड़ रुपये है। योजना में बिक्री के लिए शामिल 2,656 संपत्तियों में से 62.5 प्रतिशत बिक चुकी हैं, जबकि 997 संपत्तियां अब भी खरीदारों की प्रतीक्षा कर रही हैं। शेष संपत्तियों का मूल्य 134.40 करोड़ रुपये बताया गया है।
पांच साल से अधिक समय से खाली पड़ी संपत्तियों को बेचने और आम लोगों को रियायती दरों पर मकान व व्यावसायिक परिसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना के तहत पात्र खरीदारों को मार्च 2027 तक 10 से 30 प्रतिशत तक छूट का लाभ मिलेगा।
पिछली योजना के मुकाबले बिक्री प्रतिशत में बढ़ोतरी
मंडल की पूर्ववर्ती वन टाइम सेटलमेंट योजना सितंबर 2021 से मार्च 2024 तक संचालित हुई थी। उस दौरान लगभग 511 करोड़ रुपये मूल्य की 2,591 संपत्तियां बिक्री के लिए शामिल की गई थीं। इनमें से 88.28 करोड़ रुपये मूल्य की 506 संपत्तियां ही बिक पाई थीं। इस तरह पिछली योजना में बिक्री का प्रतिशत 17.27 रहा था।
इसके मुकाबले वर्तमान OTS-2 योजना में अब तक 62.5 प्रतिशत संपत्तियों का विक्रय हो चुका है। इससे लंबे समय से खाली पड़ी संपत्तियों के निपटान की दिशा में प्रगति सामने आई है। हालांकि, अभी भी 997 इकाइयों की बिक्री बाकी है। ऐसे में मंडल के सामने शेष संपत्तियों को खरीदारों तक पहुंचाने की चुनौती बनी हुई है।
लिफ्ट, मरम्मत और मूलभूत सुविधाएं सुधारने के निर्देश
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के आयुक्त अवनीश कुमार शरण ने 23 अक्टूबर को मुख्यालय में योजना की समीक्षा की। उन्होंने अब तक हुई बिक्री, शेष उपलब्ध संपत्तियों और उनके विक्रय की संभावनाओं की जानकारी ली।
आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष आवासों की बिक्री तेज करने के साथ ही भवनों की स्थिति और सुविधाओं में भी सुधार किया जाए। आवासीय परिसरों में लिफ्ट की व्यवस्था, जरूरी मरम्मत, नियमित रखरखाव तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी कमियों को प्राथमिकता से दूर करने के निर्देश दिए गए। इसका उद्देश्य संभावित खरीदारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और संपत्तियों के प्रति उनका भरोसा बढ़ाना है।
रायपुर, नवा रायपुर और दुर्ग में चलेंगे आवास रथ
योजना का प्रचार-प्रसार बढ़ाने और खरीदारों को संपत्तियों की जानकारी देने के लिए रायपुर, नवा रायपुर और दुर्ग में आवास रथ शुरू किए जाएंगे। इनके माध्यम से इच्छुक लोगों को उपलब्ध आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों की जानकारी देने के साथ उनका प्रत्यक्ष अवलोकन कराने की व्यवस्था की जाएगी।
इससे खरीदार संपत्ति की लोकेशन, भवन की स्थिति और उपलब्ध सुविधाओं को देखकर खरीद का निर्णय ले सकेंगे। मंडल की विभिन्न परियोजनाओं में रायपुर, नवा रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, जगदलपुर, धमतरी, राजनांदगांव, रायगढ़, जशपुर, कोंडागांव, कोरिया, कोरबा और दंतेवाड़ा सहित कई क्षेत्रों में संपत्तियां उपलब्ध हैं।
मार्च 2027 तक योजना का लाभ
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में 19 जनवरी 2025 को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में पांच वर्ष से अधिक समय से अविक्रित आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों के एकमुश्त निपटान का निर्णय लिया गया था। इसके बाद 1 मार्च 2025 से OTS-2 योजना शुरू की गई। योजना में संपत्ति के खाली रहने की अवधि और संबंधित परियोजना में रिक्त इकाइयों के अनुपात के आधार पर 10, 20 और 30 प्रतिशत तक छूट का प्रावधान है।
योजना की अवधि मार्च 2027 तक निर्धारित है। इच्छुक नागरिक संबंधित क्षेत्रीय कार्यालयों से उपलब्ध संपत्तियों की कीमत, स्थान, सुविधाओं और लागू छूट की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। निर्धारित शर्तों के अधीन मिलने वाली यह छूट आम लोगों को रियायती दरों पर घर या व्यावसायिक परिसर खरीदने का अवसर देती है। वहीं, शेष इकाइयों की बिक्री के लिए भवनों का रखरखाव, सुविधाओं में सुधार और प्रभावी प्रचार-प्रसार महत्वपूर्ण होंगे
