चुनावी तैयारी में जुटी भाजपा, मोर्चा-प्रकोष्ठों को सौंपी अलग-अलग जिम्मेदारी
रायपुर।
प्रदेश भाजपा ने आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठनात्मक गतिविधियों को तेज कर दिया है। पार्टी ने अपने सभी मोर्चा और प्रकोष्ठों को अलग-अलग सामाजिक वर्गों और मुद्दों पर काम करने की जिम्मेदारी सौंप दी है। हर मोर्चे को अपने-अपने क्षेत्र में सरकार की योजनाओं की जानकारी पहुंचाने, लोगों की समस्याएं जानने और संगठन तक फीडबैक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। इन गतिविधियों की समीक्षा हर महीने रिपोर्ट के जरिए की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक भाजपा संगठन का उद्देश्य बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करना और विभिन्न वर्गों के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है। इसके लिए सभी मोर्चों को लक्ष्य आधारित कार्ययोजना दी गई है।
किस मोर्चे को क्या जिम्मेदारी
किसान मोर्चा – किसानों से जुड़े मुद्दों, कृषि योजनाओं, समर्थन मूल्य, सिंचाई और खेती संबंधी समस्याओं का फीडबैक जुटाना।
महिला मोर्चा – महिलाओं के बीच सरकार की योजनाओं का प्रचार, विशेष रूप से महतारी वंदन योजना का लाभ और फीडबैक एकत्र करना।
युवा मोर्चा – युवाओं से जुड़े रोजगार, कौशल विकास, प्रतियोगी परीक्षाओं, स्टार्टअप और खेल गतिविधियों से जुड़े मुद्दों पर काम।
अनुसूचित जाति मोर्चा – अनुसूचित जाति वर्ग से संवाद, कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और सामाजिक संपर्क।
अनुसूचित जनजाति मोर्चा – आदिवासी क्षेत्रों में संगठन विस्तार, वनाधिकार, शिक्षा और सरकारी योजनाओं की जानकारी।
ओबीसी मोर्चा – अन्य पिछड़ा वर्ग के बीच संपर्क अभियान और सामाजिक मुद्दों पर संवाद।
अल्पसंख्यक मोर्चा – अल्पसंख्यक समुदाय के बीच संपर्क और योजनाओं का प्रचार-प्रसार।
किसान, युवा और महिला प्रकोष्ठों सहित अन्य प्रकोष्ठ – अपने-अपने क्षेत्रों से नियमित फीडबैक लेकर संगठन को सौंपना।
हर माह होगी समीक्षा
भाजपा संगठन ने सभी मोर्चा-प्रकोष्ठों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने कार्यक्रमों, जनसंपर्क अभियान और प्राप्त फीडबैक की मासिक रिपोर्ट प्रदेश संगठन को भेजें। इन रिपोर्टों के आधार पर आगामी रणनीति तैयार की जाएगी और जहां संगठन कमजोर है वहां विशेष अभियान चलाए जाएंगे।
चुनावी रणनीति का हिस्सा
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा चुनाव से पहले अलग-अलग वर्गों तक सीधी पहुंच बनाने और सरकार की योजनाओं का लाभार्थियों तक संदेश पहुंचाने के लिए यह रणनीति लागू कर रही है। संगठन बूथ स्तर तक सक्रियता बढ़ाकर चुनावी तैयारियों को मजबूत करने में जुटा है।
