स्कूलों में मंत्रोच्चार पर सरकार कायम, अदालत के निर्णय के अनुरूप होगी आगे की कार्रवाई : गजेन्द्र यादव

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रायपुर, 01 जुलाई

छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में मंत्रोच्चार संबंधी राज्य सरकार के निर्देश को लेकर जारी विवाद के बीच स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा है कि सरकार अपने निर्णय पर कायम है और मामले में उच्च न्यायालय का जो भी फैसला आएगा, उसके अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी।
श्री यादव ने बुधवार को राजधानी रायपुर में पत्रकारों से चर्चा में कहा कि बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार देने के उद्देश्य से स्कूलों में मंत्रोच्चार कराने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा, “बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार देने के उद्देश्य से मंत्रोच्चार कराने का फैसला लिया गया, लेकिन दुर्भाग्य है कि कांग्रेस ने इसके खिलाफ कोर्ट में याचिका लगाई है।”
उन्होंने कहा कि फिलहाल सरकारी स्कूलों में मंत्रोच्चार की व्यवस्था पूर्ववत जारी रहेगी। श्री यादव ने कहा, “फिलहाल सरकारी स्कूलों में निर्बाध रूप से मंत्रोच्चार चलेगा. मामले में कोर्ट जो फैसला सुनाएगी, उसके अनुसार आगे होगा. सरकार अपने आदेश पर कायम है और अदालत का जो भी फैसला आएगा, उसके अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
उल्लेखनीय है कि सरकारी स्कूलों में मंत्रोच्चार के आदेश को लेकर आदिवासी संगठनों, ईसाई संस्थाओं तथा कांग्रेस ने राज्य सरकार के निर्णय को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है।
इस दौरान श्री यादव ने शिक्षा सत्र 2026-27 के बीच सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों को सत्र समाप्ति तक सेवाएं देने की अनुमति संबंधी निर्णय पर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यदि कोई शिक्षक शैक्षणिक सत्र के बीच सेवानिवृत्त होता है तो उसे सत्र की समाप्ति तक विद्यार्थियों को पढ़ाने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा, “शैक्षणिक सत्र के बीच अगर कोई शिक्षक रिटायर होता है तो वह सत्र के आखिर तक स्कूलों में पढ़ा सकेगा. हालांकि अगर कोई ऐसा नहीं करना चाहता है, तो यह अलग विषय है, लेकिन ज्यादातर लोगों की इस पर सहमती रहती है।”

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