नकटी के 80 विस्थापित परिवार 7 मंजिला फ्लैटों में शिफ्ट, अब सबसे बड़ा सवाल– गाय, भैंस और बकरियां कहां रखें?

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रायपुर।

राजधानी के एयरपोर्ट के पास स्थित ग्राम नकटी के करीब 80 परिवारों को अवैध कब्जे की कार्रवाई के बाद विस्थापित कर नवा रायपुर के सेक्टर-=30 स्थित बहुमंजिला फ्लैटों में शिफ्ट किया गया है। प्रशासन इसे पुनर्वास की कार्रवाई बता रहा है, लेकिन अब इस व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े होने लगे हैं।
विस्थापित परिवारों का कहना है कि उन्हें एक कमरे के फ्लैट में रहने के लिए भेजा गया है, जहां कई परिवारों में 7 से 8 सदस्य एक साथ रहने को मजबूर हैं। सीमित जगह, रोजमर्रा की सुविधाओं की कमी और आजीविका से जुड़ी परेशानियों के बीच लोगों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।
इस बीच सोशल मीडिया पर एक सवाल तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि जिन परिवारों के पास गाय, भैंस, बकरी जैसे मवेशी हैं, वे उन्हें आखिर 7 मंजिला इमारत के फ्लैट में कहां और कैसे रखेंगे? ग्रामीण परिवारों की आजीविका का बड़ा हिस्सा पशुपालन पर निर्भर है। ऐसे में केवल रहने के लिए फ्लैट देना उनकी आजीविका की समस्या का समाधान नहीं माना जा रहा।
ग्रामीणों का कहना है कि पुनर्वास केवल मकान उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि पशुओं के लिए अलग व्यवस्था, रोजगार, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और रोजमर्रा की जरूरतों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
फिलहाल प्रशासन की ओर से परिवारों को फ्लैटों में शिफ्ट कराया जा चुका है, लेकिन पशुधन के रख-रखाव और ग्रामीण जीवनशैली के अनुरूप पुनर्वास को लेकर कोई स्पष्ट व्यवस्था सामने नहीं आई है। ऐसे में नकटी के विस्थापित परिवारों के सामने आवास मिलने के बावजूद जीवनयापन की नई मुश्किलें खड़ी हो गई हैं।

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