भुगतान में अब नहीं होगा विलंब, केंद्र से मिल चुकी है एडवांस में राशि : मुख्यमंत्री
रायपुर।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत मजदूरों के भुगतान में होने वाली देरी अब बीते दिनों की बात हो सकती है। राज्य सरकार ने दावा किया है कि केंद्र सरकार से अग्रिम राशि (एडवांस फंड) प्राप्त हो चुकी है, जिससे मजदूरों की मजदूरी और योजनाओं से जुड़े भुगतान समय पर किए जा सकेंगे।
राज्य स्तर पर आयोजित समीक्षा बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए केंद्र और राज्यांश मिलाकर 5,591.42 करोड़ रुपये का प्रस्तावित बजट है। इसमें से अब तक 1,677.43 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हो चुकी है। वहीं अप्रैल से जून 2026 के बीच मनरेगा के तहत 1,264 करोड़ रुपये का व्यय भी किया जा चुका है। इससे स्पष्ट है कि राज्य में रोजगार कार्यों की गति तेज बनी हुई है और भुगतान व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए पर्याप्त वित्तीय प्रबंधन किया गया है।
बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि मजदूरों की मजदूरी का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, ताकि किसी भी श्रमिक को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े। केंद्र से अग्रिम राशि उपलब्ध होने के कारण अब कार्यों की स्वीकृति और भुगतान प्रक्रिया दोनों में तेजी आने की उम्मीद है।
सरकार ने यह भी बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में “विकसित भारत-जी राम जी” अभियान के तहत जल संरक्षण, बालिका शौचालय, मुक्तिधाम, आंगनबाड़ी भवन, अतिरिक्त स्कूल कक्ष, ग्रामीण बाजार, खाद्यान्न भंडारण, पशु चिकित्सालय तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। इन कार्यों के लिए मनरेगा का व्यापक उपयोग किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
समीक्षा में यह भी सामने आया कि छत्तीसगढ़ मनरेगा के कई प्रमुख मानकों पर देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। ई-केवाईसी, जियो टैगिंग और जीआईएस आधारित कार्ययोजना तैयार करने में राज्य का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से बेहतर रहा है। साथ ही अप्रैल से मार्च 2026-27 के दौरान 421 लाख मानव दिवस सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार का कहना है कि पर्याप्त धनराशि उपलब्ध होने से अब ग्राम पंचायतों में स्वीकृत विकास कार्य बिना रुकावट जारी रहेंगे और मनरेगा श्रमिकों को समय पर मजदूरी का लाभ मिलेगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी तथा रोजगार गारंटी योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।
