बिना नोटिस 30 पंचायतों की बिजली काटने पर भड़के सरपंच
बिना नोटिस 30 पंचायतों की बिजली काटी, बारिश में सड़क पर उतरे सरपंच
बैरिकेड तोड़कर विद्युत कार्यालय में घुसे, कार्रवाई को लेकर जताया विरोध
बालोद।
जिले में ग्राम पंचायतों के बिजली कनेक्शन काटे जाने को लेकर बुधवार को पंचायत प्रतिनिधियों का आक्रोश सड़क पर दिखाई दिया। जिले की करीब 30 ग्राम पंचायतों के पंचायत भवन और नल-जल योजना के बिजली कनेक्शन कथित तौर पर बिना पूर्व सूचना के काट दिए जाने से नाराज बालोद ब्लॉक के सरपंचों ने रिमझिम बारिश के बीच प्रदर्शन किया। सरपंच पहले जनपद पंचायत पहुंचे और वहां से विद्युत विभाग के कार्यालय की ओर कूच किया।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में सरपंच और पंचायत प्रतिनिधि विद्युत विभाग की कार्रवाई के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्यालय पहुंचे। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कार्यालय के बाहर बैरिकेड लगाए थे, लेकिन आक्रोशित सरपंचों ने बैरिकेड हटा दिए और कार्यालय परिसर में प्रवेश कर गए। इससे कुछ देर के लिए मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।
नल-जल योजना प्रभावित होने का आरोप
सरपंचों का कहना है कि पंचायतों पर बिजली बिल की राशि बकाया होने की स्थिति में विभाग को पहले पंचायतों को नोटिस देना चाहिए था। उनका आरोप है कि बिना पर्याप्त सूचना दिए कनेक्शन काटे जाने से पंचायत भवनों में कामकाज प्रभावित होने के साथ नल-जल योजनाओं के संचालन पर भी असर पड़ा है। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई।
बारिश में प्रदर्शन, अफसरों से जवाब की मांग
रिमझिम बारिश के बावजूद सरपंच प्रदर्शन में डटे रहे। उनका कहना था कि पंचायतों से जुड़े बिजली कनेक्शन काटने से पहले संबंधित पंचायतों को बकाया राशि, भुगतान की समयसीमा और कार्रवाई की जानकारी दी जानी चाहिए थी। सरपंचों ने विद्युत विभाग के अधिकारियों से कार्रवाई का आधार स्पष्ट करने तथा काटे गए कनेक्शन बहाल करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान बैरिकेड तोड़कर कार्यालय में प्रवेश किए जाने के बाद पुलिस और पंचायत प्रतिनिधियों के बीच भी स्थिति को संभालने की कोशिश हुई। सरपंचों ने चेतावनी दी कि यदि पंचायतों के कनेक्शन बहाल नहीं किए गए और समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
अब पूरे मामले में विद्युत विभाग के जवाब और पंचायतों पर बकाया बिजली बिल की वास्तविक स्थिति पर नजर है। यदि कनेक्शन काटने से पहले नोटिस नहीं दिया गया है तो यह भी सवाल उठ रहा है कि विभाग ने कार्रवाई से पहले पंचायतों को भुगतान का अवसर क्यों नहीं दिया।
Separate confirmed facts from allegations
Strengthen the headline with the water-supply impact
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