नक्सलियों तक विस्फोटक पहुंचाने वाले तीन दोषियों को सजा, सात साल का सश्रम कारावास
नारायणपुर।
नक्सलियों तक विस्फोटक सामग्री पहुंचाने के मामले में नारायणपुर की विशेष न्यायालय एनआईए एक्ट ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी चमेली बाई, रवि मरकाम उर्फ सुशील और कोस्रू वड्डे को अलग-अलग धाराओं में दोषसिद्ध करते हुए कारावास और जुर्माने से दंडित किया है।
मामला थाना धौड़ाई, जिला नारायणपुर में दर्ज अपराध क्रमांक 06/2024 से संबंधित है। राज्य अन्वेषण अभिकरण (SIA) के अनुसार 19 मार्च 2024 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम तारागांव में आरोपियों द्वारा जड़ी-बूटी बेचने की आड़ में कुछ गठरियों में पोटेशियम नाइट्रेट, कोर्डेक्स वायर और डेटोनेटर जैसी सामग्री रखी गई है। इसे नक्सलियों तक पहुंचाने की योजना होने की सूचना पर नारायणपुर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की।
कार्रवाई के दौरान चार नग डेटोनेटर, सात बोरी पोटेशियम नाइट्रेट, सात मीटर लाल रंग का कोर्डेक्स वायर और दो मोबाइल फोन जब्त किए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की विवेचना राज्य अन्वेषण अभिकरण, पुलिस मुख्यालय रायपुर को सौंपी गई।
विवेचना के दौरान गिरफ्तार आरोपियों के मेमोरेंडम कथनों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले में कोस्रू वड्डे को भी आरोपी बनाया गया। विवेचना पूरी होने के बाद एसआईए पुलिस मुख्यालय रायपुर द्वारा विशेष न्यायालय एनआईए एक्ट नारायणपुर में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया।
अदालत ने इन धाराओं में सुनाई सजा
अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को दोषसिद्ध किया। विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 की धारा 4 के तहत सात वर्ष का सश्रम कारावास और 1,000 रुपये जुर्माना, जबकि धारा 5 के तहत भी सात वर्ष का सश्रम कारावास और 1,000 रुपये जुर्माना लगाया गया।
इसी तरह विधि-विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1967 की धारा 10(1) के तहत दो वर्ष का सश्रम कारावास व 500 रुपये जुर्माना, धारा 13(1), 38(2) और 39(2) के तहत पांच-पांच वर्ष का सश्रम कारावास और 500-500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
राज्य अन्वेषण अभिकरण, पुलिस मुख्यालय रायपुर द्वारा जारी विवरण के अनुसार, अदालत का यह फैसला मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों और विवेचना के आधार पर आया है।
