आय से अधिक संपत्ति मामले में रिटायर्ड क्लर्क को चार साल की सजा

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अंबिकापुर।

अंबिकापुर कलेक्ट्रेट में क्लर्क के पद पर पदस्थ रहे सेवानिवृत्त कर्मचारी ऋषि कुमार सिंह को आय से अधिक संपत्ति के मामले में विशेष न्यायालय ने दोषी ठहराते हुए चार वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत के फैसले के बाद भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई को लेकर एक बार फिर सरकारी कर्मचारियों की अवैध संपत्ति का मामला चर्चा में आ गया है।
मामले के अनुसार ऋषि कुमार सिंह के पास उनकी ज्ञात आय के मुकाबले अत्यधिक संपत्ति पाए जाने की शिकायत के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने वर्ष 2013 में उनके मकान पर छापा मारा था। जांच के दौरान उनकी संपत्ति और आय के स्रोतों का परीक्षण किया गया। जांच में उनकी संपत्ति उनकी आय की तुलना में 1049 गुना अधिक पाई गई थी।
एसीबी की जांच में सामने आए तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कर प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। लंबे समय तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद विशेष न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ऋषि कुमार सिंह को दोषी माना और चार साल के कारावास की सजा सुनाई।
2013 में हुई थी बड़ी कार्रवाई
एसीबी की कार्रवाई के दौरान ऋषि कुमार सिंह के मकान की तलाशी लेकर संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री जब्त की गई थी। इसके बाद जांच एजेंसी ने उनकी वैध आय और अर्जित संपत्तियों का मिलान किया। जांच में आय और संपत्ति के बीच बड़ा अंतर सामने आने के बाद मामला अदालत तक पहुंचा।
1049 गुना अधिक संपत्ति का आंकड़ा इस पूरे मामले की गंभीरता को रेखांकित करता है। विशेष न्यायालय के फैसले को भ्रष्टाचार के मामलों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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