खाद्य सुरक्षा, किसान हित और उपभोक्ता संरक्षण पर सरकार का फोकस
रायपुर।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने राज्य में खाद्य सुरक्षा, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, धान खरीदी, उपभोक्ता अधिकार और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। विभाग के अनुसार जनवरी 2024 में 77 लाख राशनकार्डों के मुकाबले अब 83.36 लाख राशनकार्ड प्रचलित हैं और करीब 2.73 करोड़ लोगों को खाद्य सुरक्षा का लाभ मिल रहा है। पिछले तीन वर्षों में 10.44 लाख नए राशनकार्ड जारी किए गए हैं। इस अवधि में 445 नई उचित मूल्य दुकानें शुरू हुईं।
जनवरी 2024 से जुलाई 2026 तक 74.89 लाख टन चावल, 26,723 टन गुड़, 1.43 लाख टन चना, 2.69 लाख टन आयोडीनयुक्त नमक और 1.95 लाख टन शक्कर का वितरण किया गया। रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में अन्नपूर्णा ग्रेन एटीएम की शुरुआत 8 अगस्त 2026 से हुई है। हितग्राही आधार या राशनकार्ड नंबर से बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण कर 24×7 खाद्यान्न प्राप्त कर सकेंगे।
किसानों को रिकॉर्ड भुगतान
धान खरीदी में किसानों को 21 क्विंटल प्रति एकड़ तक उपार्जन तथा समर्थन मूल्य और कृषक उन्नति योजना मिलाकर ₹3,100 प्रति क्विंटल का भुगतान किया जा रहा है। खरीफ वर्ष 2024-25 में 25.49 लाख किसानों से रिकॉर्ड 149.25 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया। 2025-26 में 25.24 लाख किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया। किसानों को खरीदी के 48 घंटे के भीतर ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था की गई है।
धान खरीदी में बायोमेट्रिक, आधार सत्यापन और कंट्रोल एंड कमांड सेंटर जैसी डिजिटल व्यवस्थाओं से अनियमितताओं पर नियंत्रण किया गया। 2025-26 में 9.73 लाख क्विंटल अवैध धान परिवहन जब्त कर करीब ₹301.89 करोड़ की बचत का दावा किया गया है।
गैस और उपभोक्ता सुविधाओं का विस्तार
राज्य में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नीति 5 मई 2026 से प्रभावशील है। रायपुर और मनेंद्रगढ़ के कुछ क्षेत्रों में PNG आपूर्ति शुरू हो चुकी है। वर्ष 2030 तक 42 लाख घरों को इससे जोड़ने का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत अब तक 39 लाख महिलाओं को गैस कनेक्शन दिए गए हैं।
उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में अक्टूबर 2023 से जुलाई 2026 तक राज्य आयोग में प्राप्त 2,058 मामलों में से 1,720 का निराकरण हुआ। इसी अवधि में जिला उपभोक्ता आयोगों ने 10,891 मामलों का निपटारा किया और ₹16.88 करोड़ की क्षतिपूर्ति निर्धारित की गई।
आगामी दो वर्षों में स्मार्ट-पीडीएस, अन्य जिलों में ग्रेन एटीएम, 2.71 लाख टन नए गोदाम, PEG योजना के तहत 3.5 लाख टन भंडारण क्षमता और 12 जिलों में PNG विस्तार पर फोकस रहेगा।
