बाबा नीब करौरी की कृपा से मानसिक रोगी के जीवन में आया बदलाव, परिवार ने बताया दिव्य अनुभव
आस्था और विश्वास की कहानी
कैंची धाम।
कई श्रद्धालु बाबा नीब करौरी महाराज को संकट के समय सहारा देने वाली दिव्य शक्ति के रूप में याद करते हैं। उनके जीवन से जुड़ी अनेक आस्था कथाएं आज भी भक्तों के बीच सुनाई जाती हैं। ऐसी ही एक कथा एक मानसिक रूप से परेशान युवक और उसके परिवार से जुड़ी है, जिसमें परिवार ने बाबा की कृपा से युवक की हालत में धीरे-धीरे सुधार होने का अनुभव साझा किया।
परिवार के अनुसार युवक लंबे समय से मानसिक परेशानियों से जूझ रहा था। उसका व्यवहार अचानक बदल जाता था, वह बेचैन रहता और कई बार सामान्य बातचीत करने में भी कठिनाई महसूस करता था। परिवार ने चिकित्सकीय सलाह और उपचार जारी रखते हुए बाबा नीब करौरी महाराज की तस्वीर के सामने प्रार्थना करना भी शुरू किया।
परिवार का कहना है कि एक दिन उन्होंने बाबा महाराज से मन ही मन प्रार्थना की कि उनके बेटे को मानसिक शांति मिले और वह सामान्य जीवन की ओर लौट सके। इसके बाद उन्होंने युवक के उपचार के साथ नियमित रूप से सकारात्मक वातावरण बनाए रखा और बाबा का स्मरण करते रहे।
कुछ समय बाद परिवार ने युवक के व्यवहार में धीरे-धीरे सकारात्मक बदलाव महसूस किया। उसकी बेचैनी कम होने लगी, बातचीत में रुचि बढ़ी और वह अपने रोजमर्रा के कामों में पहले से अधिक सक्रिय दिखाई देने लगा। परिवार ने इस बदलाव को बाबा नीब करौरी महाराज की कृपा और अपने विश्वास से जोड़ा।
हालांकि, मानसिक बीमारी के उपचार में चिकित्सकीय सलाह और दवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। केवल किसी चमत्कार या आध्यात्मिक उपाय को चिकित्सा का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। इस घटना को परिवार की आस्था और व्यक्तिगत अनुभव के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि मानसिक बीमारी के इलाज का वैज्ञानिक प्रमाण।
भक्तों का विश्वास है कि बाबा नीब करौरी महाराज की सबसे बड़ी सीख प्रेम, सेवा, करुणा और ईश्वर पर विश्वास है। इसी विश्वास के साथ कई लोग कठिन परिस्थितियों में मानसिक मजबूती पाने की प्रेरणा लेते हैं।
