चौहान,मांडवी और साहू को केबिनेट मंत्री का दर्जा, बाकी 15 को राज्य मंत्री
रायपुर।
छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने प्रदेश के विभिन्न निगम, मंडल और आयोगों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्षों को कैबिनेट मंत्री एवं राज्य मंत्री का दर्जा प्रदान किया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने 27 अगस्त 2026 को आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार यह दर्जा संबंधित पदाधिकारियों को शिष्टाचार के लिए प्रदान किया गया है और आदेश जारी होने की तारीख से प्रभावी होगा।
शासन के आदेश में छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष रामलाल चौहान, छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूप सिंह मंडावी और छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. श्रीमती ममता साहू को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है। वहीं छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष गौरीशंकर श्रीवास को राज्य मंत्री का दर्जा मिला है।
इसके अलावा छत्तीसगढ़ राज्य मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष आनंद निषाद, छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्या मंडल के अध्यक्ष राजेश कुमार राजपूत, छत्तीसगढ़ राज्य शाकंभरी बोर्ड के अध्यक्ष राजेन्द्र नायक, छत्तीसगढ़ राज्य शिक्षा आयोग के अध्यक्ष सुधीर गौतम और छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के अध्यक्ष एजाज मिर्जा बेग को राज्य मंत्री का दर्जा प्रदान किया गया है।
इसी क्रम में छत्तीसगढ़ राज्य हथकरघा विकास एवं विपणन संघ के अध्यक्ष भोजराज देवांगन, छत्तीसगढ़ राज्य राजभाषा आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य सिंधी अकादमी की अध्यक्ष श्रीमती सुषमा जेठानी और छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ के अध्यक्ष शशिकांत द्विवेदी को भी राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया है।
उपाध्यक्षों को भी राज्य मंत्री का दर्जा
आदेश के दूसरे भाग में रायपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. जे.पी. शर्मा, छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के उपाध्यक्ष किशोर महानंद, छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष श्री आनंद कुमार तिवारी (श्री राजीव लोचन दास महाराज), छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष वेदराम मनहरे और छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष मंगल दास ठाकुर को राज्य मंत्री का दर्जा प्रदान किया गया है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि कैबिनेट मंत्री अथवा राज्य मंत्री का दर्जा केवल शिष्टाचार के लिए दिया गया है। संबंधित पदाधिकारियों को नियमानुसार सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी संबंधित प्रशासनिक विभाग अथवा आयोग की होगी। आदेश में यह भी कहा गया है कि सूची किसी प्रकार की वरिष्ठता अथवा प्रोटोकॉल की स्थिति को प्रदर्शित नहीं करती।
आदेश छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चंपावत द्वारा जारी किया गया है।
