आधी रात हॉस्टल से गायब हुईं तीन आदिवासी छात्राएं, प्रबंधन में मचा हड़कंप
कोंडागांव के पीएमश्री एकलव्य विद्यालय गोलावंड का मामला; परिजनों ने छात्रावास में डर और परेशानी की बात कही, जांच के निर्देश
कोंडागांव।
जिले के गोलावंड स्थित पीएमश्री एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के छात्रावास से शुक्रवार की रात तीन आदिवासी छात्राओं के अचानक बाहर निकलने का मामला सामने आया है। आधी रात को छात्रावास से निकली छात्राएं देर रात एक परिचित के घर पहुंचीं, जहां से उन्हें सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुंचाया गया। सूचना मिलने पर पुलिस की डायल-112 टीम ने छात्राओं को सकुशल घर पहुंचाने में मदद की। घटना के बाद शनिवार सुबह जनप्रतिनिधियों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने विद्यालय पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। छात्राओं के छात्रावास छोड़ने की वजह जानने के लिए जांच शुरू कर दी गई है।
छात्राओं के छात्रावास छोड़ने से उठे सवाल
एकलव्य विद्यालय गोलावंड में छात्रावास प्रबंधन और विद्यार्थियों के बीच समन्वय को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर छात्रावास में बच्चों की सुरक्षा, उनकी समस्याओं की सुनवाई और प्रबंधन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि छात्राओं के छात्रावास से निकलने की जानकारी प्रबंधन को बाद में मिली। हालांकि, जानकारी सामने आने के बाद उनकी तलाश की गई, लेकिन तब तक छात्राएं एक परिचित के घर पहुंच चुकी थीं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर ऐसी क्या परिस्थिति बनी कि छात्राओं को रात में छात्रावास छोड़कर बाहर निकलना पड़ा। छात्रावास में सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही विद्यार्थियों की शिकायतों पर सुनवाई की व्यवस्था की भी पड़ताल जरूरी है।
परिजनों ने बताई परेशानी, बच्चों की बात सुनने की मांग
छात्राओं के परिजनों का कहना है कि छात्रावास में रह रही बच्चियों को कुछ परेशानियां हो रही थीं। उनका आरोप है कि शिक्षकों को जानकारी देने के बावजूद समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया। परिजनों के मुताबिक, इसी तरह की परिस्थितियों के कारण छात्राओं ने छात्रावास छोड़ने का कदम उठाया।
परिजनों ने बताया कि छात्राएं अनिता बघेल के घर पहुंच गई थीं, जहां से उन्हें सुरक्षित घर पहुंचाया गया। उनका कहना है कि बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुरक्षित माहौल की उम्मीद में छात्रावास भेजा जाता है। ऐसे में प्रबंधन की जिम्मेदारी है कि वह विद्यार्थियों की बात सुने और उनकी समस्याओं का समय रहते समाधान करे।
जनप्रतिनिधियों ने किया निरीक्षण, अधिकारियों ने दिए निर्देश
घटना की जानकारी मिलने के बाद शनिवार सुबह जनपद पंचायत अध्यक्ष अनीता और सरपंच अनिता बघेल विद्यालय पहुंचीं। उन्होंने प्राचार्य से चर्चा की और छात्रावास परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान सहायक आयुक्त सहित अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच संक्षिप्त बैठक हुई, जिसमें ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि बार-बार इस तरह की परिस्थितियां सामने आने के कारणों को गंभीरता से समझना होगा। यदि छात्रावास में बच्चों को किसी तरह की परेशानी है, तो उसका समय रहते निराकरण किया जाना चाहिए, ताकि वे भयमुक्त वातावरण में रहकर पढ़ाई कर सकें।
जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी
किशोर शर्मा, एसडीएम ने कहा कि घटना के मूल कारणों का पता लगाया जा रहा है। यह जांच की जा रही है कि छात्राओं के छात्रावास से बाहर जाने की स्थिति क्यों बनी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं।
वहीं, कृपेंद्र तिवारी, सहायक आयुक्त ने बताया कि छात्राओं के परिजनों से बातचीत में छात्रावास में रात के समय डर लगने और असहज महसूस होने की बात सामने आई है। जांच में यदि कोई जिम्मेदार पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि छात्राओं के छात्रावास छोड़ने के पीछे वास्तविक कारण क्या थे और उनकी शिकायतों के निराकरण में कहीं कोई लापरवाही हुई थी या नहीं।
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