छत्तीसगढ़ बनेगा मध्य भारत का मेडिकल हब, नवा रायपुर में 200 एकड़ में विकसित होगी मेडिसिटी
देवपुरी में 125 बिस्तरों वाले सुपर स्पेशलिटी प्रथमेश हॉस्पिटल का मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया शुभारंभ, गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता घटाने पर जोर
रायपुर। छत्तीसगढ़ में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के साथ प्रदेश को मध्य भारत का प्रमुख मेडिकल हब बनाने की तैयारी है। नवा रायपुर में 200 एकड़ क्षेत्र में आधुनिक मेडिसिटी विकसित की जा रही है। इससे सुपर स्पेशलिटी इलाज, मेडिकल टूरिज्म और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के लोगों को बेहतर और किफायती इलाज उपलब्ध कराना है, ताकि गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए दूसरे राज्यों का रुख करने की जरूरत कम हो।
मुख्यमंत्री साय रविवार को राजधानी रायपुर के देवपुरी में 125 बिस्तरों वाले सुपर स्पेशलिटी प्रथमेश हॉस्पिटल के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। करीब एक एकड़ क्षेत्र में निर्मित इस अस्पताल का उन्होंने फीता काटकर उद्घाटन किया और उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली।
प्रदेश में ही मिले गंभीर बीमारियों का बेहतर इलाज
मुख्यमंत्री ने कहा कि गंभीर बीमारी होने पर दूसरे राज्यों में इलाज कराने से मरीजों और उनके परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ता है। उन्हें आने-जाने, रहने और उपचार के दौरान कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सरकार चाहती है कि प्रदेश में ही विशेषज्ञ डॉक्टरों और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता बढ़े, जिससे मरीजों को समय पर बेहतर उपचार मिल सके।
उन्होंने कहा कि सरकारी और निजी क्षेत्र के संयुक्त प्रयासों से छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। नए अस्पतालों से मरीजों को बेहतर इलाज मिलने के साथ डॉक्टरों, नर्सों, तकनीशियनों और पैरामेडिकल स्टाफ के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
200 एकड़ में बनेगी आधुनिक मेडिसिटी
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवा रायपुर में विकसित की जा रही 200 एकड़ की मेडिसिटी प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र को नई पहचान देगी। यहां आधुनिक और सुपर स्पेशलिटी चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की संभावनाएं हैं। इससे चिकित्सा क्षेत्र में निवेश बढ़ने के साथ मेडिकल टूरिज्म को भी बढ़ावा मिल सकता है।
सरकार की मंशा है कि छत्तीसगढ़ के मरीजों को जटिल बीमारियों के इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े। साथ ही दूसरे राज्यों के मरीज भी बेहतर उपचार के लिए छत्तीसगढ़ आएं। इससे स्वास्थ्य सेवाओं के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को भी गति मिल सकती है।
आयुष्मान भारत से गरीब परिवारों को राहत
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को इलाज में आर्थिक सहायता मिल रही है। राज्य सरकार जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को मजबूत करने के साथ दूरस्थ वनांचलों और जनजातीय क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर भी ध्यान दे रही है।
उन्होंने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सेवा हर नागरिक का अधिकार है। सरकार का प्रयास है कि आर्थिक अभाव किसी के इलाज में बाधा न बने और प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा पहुंचे।
केंद्रीय मंत्री और उपमुख्यमंत्री ने भी जताई उम्मीद
केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि अच्छा स्वास्थ्य सुखी और समृद्ध जीवन का आधार है। प्रथमेश हॉस्पिटल जैसी आधुनिक चिकित्सा संस्थाओं से प्रदेशवासियों को बेहतर इलाज की सुविधा मिलेगी।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को मजबूत करने के साथ निजी क्षेत्र में भी आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने और सेवा एवं संवेदनशीलता को प्राथमिकता देने की अपील की।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक मोतीलाल साहू, प्रथमेश हॉस्पिटल ग्रुप के डॉ. राजीव साहू, डॉ. सारिका साहू सहित जनप्रतिनिधि, चिकित्सक और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
