रायपुर में होगा बुनकरों का ऐतिहासिक महाकुंभ, देशभर से जुटेंगे 1000 से अधिक प्रतिनिधि
रायपुर।
राजधानी रायपुर में आगामी 23 और 24 अगस्त को देशभर के बुनकरों का महाकुंभ होगा। सहकार भारती बुनकर प्रकोष्ठ का प्रथम राष्ट्रीय अधिवेशन जैनम मानस भवन में आयोजित होगा, जिसमें 1000 से अधिक चुनिंदा सहकारी बुनकर प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। इस दौरान बुनकरी उद्योग की चुनौतियों और नवीनतम नवाचारों पर गहन मंथन होगा।
सहकार भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. उदय जोशी ने बताया कि वर्ष 2025 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने “अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष” घोषित किया है। इसी कड़ी में यह आयोजन बुनकरों के आर्थिक, तकनीकी और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
अधिवेशन में केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह, केंद्रीय एमएसएमई मंत्री जीतनराम मांझी, राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और सहकारिता मंत्री केदार कश्यप सहित कई बड़े नेता मौजूद रहेंगे। केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के भी आने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि बुनकरी, भारत की प्राचीन और गौरवशाली परंपरा का हिस्सा है, लेकिन बाजार, तकनीक और पूंजी की कमी से लाखों बुनकर आज आर्थिक संघर्ष झेल रहे हैं। “लोकल फॉर वोकल” पहल को बुनकरों के लिए नई उम्मीद मानते हुए अधिवेशन में सीधा बाजार संपर्क, डिजिटल मार्केटिंग, सरकारी योजनाओं और तकनीकी प्रशिक्षण जैसे ठोस उपायों पर चर्चा होगी।
उन्होंने बताया कि सहकार भारती का मानना है कि यदि बुनकरों को सही दिशा और संसाधन मिलें, तो यह न केवल लाखों परिवारों को आत्मनिर्भर बना सकता है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर सशक्त भी कर सकता है।
