आपातकाल लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला, कांग्रेस ने संविधान की आत्मा को कुचला : किरण सिंह देव
रायपुर
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल को स्वतंत्र भारत के इतिहास का सबसे काला और कलंकित अध्याय बताते हुए कहा कि यह लोकतंत्र, संविधान और नागरिक अधिकारों पर सबसे बड़ा हमला था। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने सत्ता बचाने के लिए लोकतांत्रिक संस्थाओं का दमन किया और देश को भय के माहौल में धकेल दिया।
किरण सिंह देव ने कहा कि आज से 51 वर्ष पहले 25 जून की रात तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व में देश में आपातकाल लागू किया गया, जिसके बाद नागरिकों के मौलिक अधिकार छीन लिए गए, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया गया और मीडिया पर सेंसरशिप थोप दी गई। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता प्रभावित हुई तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को गंभीर आघात पहुंचा।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों, जनसंघ और विपक्षी दलों के नेताओं सहित लाखों लोगों को मीसा (MISA) और डीआईआर (DIR) जैसे कानूनों के तहत गिरफ्तार कर जेलों में बंद किया गया। उन्होंने कहा कि अनेक लोगों ने अमानवीय यातनाएं सहते हुए भी लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखा।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए किरण सिंह देव ने कहा कि जो पार्टी आज संविधान बचाने की बात करती है, उसी ने आपातकाल के दौरान संविधान की मूल भावना और लोकतांत्रिक व्यवस्था को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का इतिहास लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और तानाशाही प्रवृत्ति को बढ़ावा देने का रहा है।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सभी लोकतंत्र सेनानियों और राष्ट्रभक्तों को श्रद्धापूर्वक नमन करती है। उनके त्याग और बलिदान के कारण ही देश में लोकतंत्र की पुनर्स्थापना संभव हो
