रायगढ़ के खनन प्रभावित इलाकों को 35.77 करोड़ की सौगात, डीएमएफ से 13 विकास कार्यों को मंजूरी

0
IMG-20260703-WA0418


पुस्तकालय, आईटीआई उन्नयन, कृषि अधोसंरचना और 8 ग्रामीण सड़क परियोजनाओं को मिली स्वीकृति
रायपुर।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के प्रयासों से रायगढ़ जिले के खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास को नई गति मिली है। जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) मद से 35 करोड़ 76 लाख 94 हजार रुपये की लागत वाले 13 महत्वपूर्ण विकास कार्यों को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं का लाभ धरमजयगढ़, लैलूंगा, घरघोड़ा और तमनार विकासखंड के हजारों ग्रामीणों, किसानों, विद्यार्थियों और युवाओं को मिलेगा।
सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं से शिक्षा, कौशल विकास, कृषि अधोसंरचना और ग्रामीण संपर्क व्यवस्था मजबूत होगी, जिससे खनन प्रभावित क्षेत्रों में सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
ग्रामीण विद्यार्थियों को मिलेंगे आधुनिक पुस्तकालय
चारों विकासखंडों में आधुनिक सुविधाओं से युक्त पुस्तकालय भवनों के निर्माण और संबंधित कार्यों के लिए 6.39 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन पुस्तकालयों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं और ग्रामीण विद्यार्थियों को बेहतर अध्ययन वातावरण उपलब्ध होगा।
आईटीआई भवनों का होगा उन्नयन
तकनीकी शिक्षा को मजबूत करने के लिए आईटीआई घरघोड़ा के भवन के जीर्णोद्धार हेतु 1.56 करोड़ रुपये तथा आईटीआई धरमजयगढ़ के उन्नयन के लिए 82.86 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। इससे युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगारपरक कौशल हासिल करने में सुविधा मिलेगी।
किसानों के लिए बनेगा व्यावसायिक परिसर और बाजार शेड
तमनार विकासखंड में किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को प्रोत्साहित करने के लिए 1.21 करोड़ रुपये की लागत से व्यावसायिक परिसर तथा 1.05 करोड़ रुपये से बाजार शेड यार्ड का निर्माण होगा। इससे कृषि उत्पादों के भंडारण, विपणन और व्यापार की सुविधाएं बेहतर होंगी।
24.73 करोड़ से बनेगा सड़क नेटवर्क
डीएमएफ से सबसे बड़ी राशि 24.73 करोड़ रुपये आठ ग्रामीण सड़क परियोजनाओं के लिए स्वीकृत की गई है। इनमें पीपराही-डीपापारा, सुबरा-कटकलिया, कोंडकेल-गेरूपानी, ढाप-भवानीपुर, किलकिला-उड़ीसा सीमा, बरमुड़ा-उकारीपाली, टेरम-छिरभौंना और बाम्हनबहरी-पुलाईआंट मार्ग शामिल हैं। इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन आसान होगा और शिक्षा, स्वास्थ्य तथा कृषि परिवहन को भी लाभ मिलेगा।
365 दिनों में काम पूरा करने का लक्ष्य
इन सभी परियोजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) को सौंपी गई है। जिला प्रशासन ने सभी कार्य 365 दिनों के भीतर निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग और गुणवत्ता परीक्षण भी सुनिश्चित किया जाएगा।
मुख्य बिंदु
कुल स्वीकृति: 35.77 करोड़ रुपये
कुल परियोजनाएं: 13
पुस्तकालय निर्माण: 6.39 करोड़ रुपये
आईटीआई उन्नयन: 2.39 करोड़ रुपये
कृषि अधोसंरचना: 2.27 करोड़ रुपये
8 सड़क परियोजनाएं: 24.73 करोड़ रुपये
समय-सीमा: 365 दिनों में कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *