मुख्यमंत्री साय बोले— विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव बनेगी सहकारिता, 1352 नई समितियों से गांव-गांव तक पहुंचा सहकार

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सहकारिता से किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का फोकस, 162 करोड़ की तेंदूपत्ता प्रोत्साहन राशि जारी

रायपुर।

प्रदेश सरकार ने सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सहकारिता मंत्रालय के गठन के पांच वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 7.14 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए 162 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि के वितरण का शुभारंभ किया। साथ ही प्रदेश में गठित 1352 नई सहकारी समितियों को ग्रामीण विकास की नई ताकत बताया।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मंडपम में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारिता किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का सबसे प्रभावी माध्यम बन रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गठित सहकारिता मंत्रालय ने ‘सहकार से समृद्धि’ के संकल्प को नई दिशा दी है और इसका सीधा लाभ किसानों, वनवासियों, महिला स्व-सहायता समूहों तथा ग्रामीण परिवारों को मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं किसान परिवार से आते हैं और बचपन से सहकारिता की ताकत को करीब से देखा है। उन्होंने बताया कि पहले किसानों को 16 से 18 प्रतिशत ब्याज पर कर्ज लेना पड़ता था, जबकि अब सहकारी व्यवस्था और किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से बिना ब्याज ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इस वर्ष प्रदेश के 15 लाख से अधिक किसानों को 8 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का कृषि ऋण दिया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार कृषि के साथ-साथ पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन, वनोपज और ग्रामीण उद्यमिता में भी सहकारिता को बढ़ावा दे रही है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के सहयोग से दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में भी सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहे हैं।
ऑनलाइन पोर्टल की शुरुआत, माइक्रो एटीएम और नए उत्पादों का लोकार्पण
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सहकारिता विभाग के ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ किया, जिससे किसानों का पंजीयन अब पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से होगा। उन्होंने पांच नई पैक्स समितियों को माइक्रो एटीएम वितरित किए तथा छत्तीसगढ़ हर्बल्स के पांच नए उत्पादों का लोकार्पण भी किया।
इसके अलावा उत्कृष्ट सहकारी समितियों को ‘सहकार प्रेरणा पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। महिला स्व-सहायता समूहों को लाभांश, उत्कृष्ट तेंदूपत्ता संग्राहकों को प्रशस्ति पत्र तथा हितग्राहियों को केसीसी ऋण, सामग्री और प्रोत्साहन राशि वितरित की गई।
गांव-गांव तक पहुंचा सहकारिता का विस्तार
सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में यह सुनिश्चित किया गया है कि प्रदेश की कोई भी पंचायत सहकारिता से वंचित न रहे। इसी लक्ष्य के तहत 1352 नई सहकारी समितियों का गठन किया गया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने विभिन्न सहकारी संस्थाओं, वनधन समितियों, महिला समूहों और कृषि संगठनों द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉलों का अवलोकन कर उनके नवाचारों की सराहना भी की।

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