कृषि विश्वविद्यालय हॉस्टल की खुली पोल: तीन कमरों की छत का प्लास्टर गिरा, पूरा हॉस्टल खाली कराने के दावे पर सवाल

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रायपुर। कृषि विश्वविद्यालय के हॉस्टल में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अधिकारियों ने दावा किया कि हॉस्टल खाली करा दिया गया है, लेकिन छात्रों का कहना है कि पूरा हॉस्टल खाली नहीं कराया गया। केवल उन तीन कमरों में रहने वाले छात्रों को दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया गया है, जिनकी छत का प्लास्टर गिरा था।
छात्रों के मुताबिक, सिर्फ कमरों के अंदर ही नहीं बल्कि कमरों के बाहर कॉरिडोर की छत से भी प्लास्टर गिरा है, जिससे हॉस्टल में रहने वाले अन्य छात्रों की सुरक्षा पर भी खतरा बना हुआ है। इसके बावजूद अधिकांश छात्र अब भी उसी हॉस्टल में रहने को मजबूर हैं।
छात्रों का आरोप है कि घटना की जानकारी अधिकारियों को रात में ही मिल गई थी, लेकिन कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। उल्टा छात्रों से कहा गया कि वे अपनी व्यवस्था खुद कर लें। इससे छात्रों में नाराजगी है।
छात्रों का यह भी दावा है कि मामले में लापरवाही सामने आने के बाद विश्वविद्यालय के दो अधिकारियों पर कार्रवाई की तैयारी चल रही है। हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
छात्रों ने आरोप लगाया कि पहले भी मरम्मत के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई थी। जहां-जहां छत का प्लास्टर गिरा, वहां केवल सीमेंट का लेप कर दिया गया, लेकिन जर्जर छत की स्थायी मरम्मत नहीं कराई गई। अब प्लास्टर गिरने की घटना ने मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल छात्र पूरे हॉस्टल की तकनीकी जांच कराकर सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करने और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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