एक घंटे की बारिश में डूबा रायपुर, 7 करोड़ की सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल
नालियां उफान पर, सड़कों पर घुटनों तक पानी; वार्डों में जलभराव से लोगों की बढ़ी परेशानी, यूजर चार्ज बढ़ाने के बावजूद नहीं दिखा असर
रायपुर।
राजधानी रायपुर में शनिवार शाम करीब चार बजे से एक घंटे तक हुई तेज बारिश ने नगर निगम की सफाई व्यवस्था की हकीकत सामने ला दी। शहर के मठपुरैना सहित कई वार्डों में नालियां उफान मारने लगीं और सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया। अचानक हुए जलभराव से लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जबकि कई इलाकों में घरों और दुकानों के सामने भी पानी जमा हो गया।
बारिश के बाद शहर में बने हालात ने नगर निगम की नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। निगम हर माह सफाई व्यवस्था पर करीब 7 करोड़ रुपये खर्च करने का दावा करता है, लेकिन महज एक घंटे की बारिश में ही शहर के कई हिस्सों का पानी-पानी हो जाना इन दावों की पोल खोलता नजर आया।
राजनीतिक तौर पर भी यह मुद्दा गर्माने के आसार हैं। नगर निगम के अधिकांश वार्डों में भाजपा के पार्षद हैं, जबकि केवल सात वार्ड कांग्रेस के पास हैं। कांग्रेस पार्षद पहले भी सामान्य सभा में सफाई व्यवस्था में कथित अनियमितताओं और घोटाले का मुद्दा उठा चुके हैं, लेकिन विपक्ष का आरोप है कि इसके बावजूद व्यवस्था में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ।
इधर, नगर निगम ने हाल ही में नागरिकों पर यूजर चार्ज का बोझ भी बढ़ाया है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जब लोगों से अतिरिक्त शुल्क वसूला जा रहा है, तब भी बारिश के दौरान शहर जलभराव से क्यों नहीं बच पा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्री-मानसून नाला सफाई समय पर और प्रभावी ढंग से की गई होती, तो शहर को इस तरह की स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता। अब एक घंटे की बारिश ने निगम की तैयारियों और सफाई व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
