योग से हुई नई सुबह, पौधरोपण से हरियाली का संकल्प; चिंतन शिविर के दूसरे दिन सुशासन पर मंथन तेज
रायपुर।
छत्तीसगढ़ सरकार के चिंतन शिविर 3.0 का दूसरा दिन योग, पर्यावरण संरक्षण और सुशासन के संकल्प के साथ शुरू हुआ। भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) नवा रायपुर में आयोजित शिविर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ सुबह योगाभ्यास किया। इसके बाद पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। दिनभर प्रदेश के विकास और सुशासन से जुड़े विभिन्न विषयों पर मंथन जारी रहा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि योग भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जो स्वस्थ शरीर, शांत मन और संतुलित जीवन का आधार है। उन्होंने कहा कि नियमित योग न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाता है, बल्कि व्यक्ति को प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करने की प्रेरणा भी देता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन और प्रभावी निर्णय क्षमता के लिए शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ चिंतन शिविर के दूसरे दिन की शुरुआत योग से की गई, ताकि सकारात्मक ऊर्जा, अनुशासन और एकाग्रता के साथ राज्य के विकास से जुड़े विषयों पर गंभीर चर्चा हो सके।
योग सत्र के बाद मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के सदस्यों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके पश्चात चिंतन शिविर के विभिन्न सत्रों में प्रशासनिक सुधार, सुशासन, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और राज्य के समग्र विकास को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
योग सत्र में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव सहित आईआईएम रायपुर के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
