गुरूर: दहेज प्रताड़ना से तंग आकर नवविवाहिता ने दी जान, पति समेत सास-ससुर और ननंद गिरफ्तार
बालोद/गुरूर।
गुरूर थाना क्षेत्र में नवविवाहिता की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पति, सास, ससुर और ननंद को दहेज प्रताड़ना के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, 24 फरवरी 2026 को गुरूर के वार्ड क्रमांक-2 स्थित गुलमोहर कॉलोनी के एक किराए के मकान में रहने वाली मीनाक्षी भतरिया (28 वर्ष) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद गुरूर थाना में मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की गई।
पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल के निर्देश तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर के मार्गदर्शन में एसडीओपी गुरूर माया शर्मा और थाना प्रभारी मुकेश सिंह की टीम ने मामले की विस्तृत जांच की। जांच के दौरान मृतका के मायके पक्ष एवं अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए गए।
जांच में सामने आई दहेज प्रताड़ना की कहानी
पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया कि विवाह के बाद से ही मृतका को उसके पति प्रवीण कुमार भतरिया (37), ससुर पग्गू लाल भतरिया (70), सास गीता भतरिया (60) और ननंद करूणा चतुर्वेदानी (40) द्वारा कम दहेज लाने को लेकर लगातार ताने दिए जाते थे। आरोपियों पर मृतका को नौकरानी की तरह रखने, उसके रंग-रूप पर टिप्पणी करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के भी आरोप हैं। पुलिस के अनुसार, इसी मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर मीनाक्षी ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया।
भिलाई से चारों आरोपी गिरफ्तार
मर्ग जांच पूरी होने के बाद 7 जुलाई 2026 को पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 80(1), 80(2) एवं 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया। इसके बाद पुलिस टीम ने आरोपियों को दुर्ग जिले के भिलाई-3 थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पथर्रा से हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद चारों को गिरफ्तार कर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) न्यायालय, बालोद में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
इस कार्रवाई में एसडीओपी माया शर्मा, थाना प्रभारी मुकेश सिंह, एएसआई कुलेश्वर यादव, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक वीणा मरावी तथा आरक्षक पीतांबर निषाद, विवेक सिन्हा और कोमल साहू की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
