नाबालिग बेटी को कार की चाबी देना पड़ा भारी, हाईकोर्ट ने पिता की याचिका खारिज
बिलासपुर।
सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत के मामले में नाबालिग बेटी को वाहन चलाने के लिए कार की चाबी देने वाले पिता को राहत नहीं मिली। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने पिता द्वारा दायर याचिका खारिज कर दी है।
अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति नाबालिग को वाहन चलाने की अनुमति देता है और उसके कारण गंभीर दुर्घटना होती है, तो वाहन मालिक या अभिभावक की जिम्मेदारी भी तय होगी। ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई से बचने का आधार नहीं बन सकता।
यह मामला उस सड़क दुर्घटना से जुड़ा है, जिसमें नाबालिग लड़की द्वारा वाहन चलाने के दौरान हुए हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई थी। दुर्घटना के बाद पुलिस ने नाबालिग के साथ-साथ वाहन की चाबी सौंपने वाले पिता के खिलाफ भी मामला दर्ज किया था। पिता ने अपने खिलाफ दर्ज प्रकरण को निरस्त करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया अभिभावक की भूमिका की जांच और अभियोजन की पर्याप्त गुंजाइश है। ऐसे में मामले को समाप्त नहीं किया जा सकता।
इस फैसले को नाबालिगों को वाहन चलाने की अनुमति देने वाले अभिभावकों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है। अदालत के इस रुख से स्पष्ट है कि लापरवाही बरतने पर अभिभावकों की जवाबदेही भी तय होगी।
