राष्ट्रपति के नाम जन जागरण सेवा समिति ने भेजा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की मांग
धमतरी।
जन जागरण सेवा समिति, धमतरी ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के नाम एक ज्ञापन भेजकर पेपर लीक मामले को लेकर आंदोलन कर रहे सोनम वांगचुक के समर्थन में निष्पक्ष जांच कराने और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग की है।
समिति के अध्यक्ष मितेश जैन द्वारा हस्ताक्षरित ज्ञापन में कहा गया है कि सत्ता की असली ताकत जनता का विश्वास होता है और विचारों को कभी दबाया नहीं जा सकता। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि शांतिपूर्ण विरोध और अनशन पर सरकारी कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराई जाए और सभी तथ्य सार्वजनिक किए जाएं। साथ ही प्रत्येक नागरिक के संवैधानिक अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित किया जाए। समिति ने पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य और न्याय के व्यावसायीकरण पर भी चिंता जताते हुए इन क्षेत्रों में प्रभावी कदम उठाने की अपील की है।
जन जागरण सेवा समिति ने अपने पत्र में कहा है कि लोकतंत्र में संवाद होना चाहिए, दमन नहीं। समिति का कहना है कि यदि शांतिपूर्ण विरोध की आवाज को बलपूर्वक दबाया जाएगा तो यह लोकतंत्र के लिए गंभीर चेतावनी होगी।
ज्ञापन के अंत में राष्ट्रपति से निष्पक्ष न्याय की अपेक्षा व्यक्त करते हुए लोकतंत्र, संविधान और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
