आजादी के बाद पहली बार बस्तर के 92 गांवों में लहराएगा तिरंगा, भाजपा निकालेगी बाइक रैली
रायपुर.
नक्सल मुक्त बस्तर होने पर आजादी के बाद पहली बार बीजापुर जिला के 33 गांवों, सुकमा जिला के 50 गांवों और नारायणपुर के 9 गांवों में तिरंगा लहराएगा। यह जानकारी उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने एकात्म परिसर में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार के गठन के बाद से सन 2024 से 2026 तक स्वाधीनता दिवस व गणतंत्र दिवस के पांच आयोजनों में बस्तर के उन दूरस्थ गांवों में तिरंगा लहराया गया, जहां आजादी के बाद से कभी राष्ट्रध्वज नहीं लहराया था।
बस्तर के कुख्यात स्थल अब बनेंगे विख्यात
प्रदेश के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने 15 अगस्त के अवसर पर समूचे बस्तर संभाग में आयोजित होने वाली ऐतिहासिक तिरंगा रैली और संगठन की कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी। शर्मा ने कहा, इसी राष्ट्रीयता के भाव को जन-जन तक पहुंचाने के लिए इस बार सम्पूर्ण बस्तर में एक अभूतपूर्व अभियान चलाया जा रहा है। शर्मा ने स्पष्ट किया कि बस्तर के जो क्षेत्र पूर्व में नक्सली हिंसा और बड़ी घटनाओं के कारण ‘कुख्यात’ हो गए थे, अब उन्हें विकास और राष्ट्रीय धारा से जोड़कर ‘विख्यात’ बनाने का प्रयास किया जा रहा है। पूवर्ती, सिलगेर, दरभा जैसे संवेदनशील और दुर्गम क्षेत्रों को इस तिरंगा यात्रा के माध्यम से आपस में जोड़ा जाएगा।
हर घर तिरंगा और तिरंगा यात्रा से देश की युवा पीढ़ी को राष्ट्रभक्ति से जोड़ना है : साव
प्रेस कांफ्रेंस में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा, भाजपा का हर घर तिरंगा और तिरंगा यात्रा अभियान देशभक्ति की लहर जगाने, सामाजिक समरसता को मजबूत करने और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों व राष्ट्र निर्माताओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक भव्य और ऐतिहासिक माध्यम बनेगा। इस दौरान उन्होंने प्रदेशभर में आयोजित होने वाले हर घर तिरंगा अभियान और तिरंगा यात्रा की रूपरेखा साझा की। साव ने कहा,वर्ष 2022 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान चलाया जा रहा है। इसका मूल उद्देश्य देश की युवा पीढ़ी को राष्ट्रभक्ति से जोड़ना, संवैधानिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना, सामाजिक समरसता तथा ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को सुदृढ़ करना है। इस दौरान प्रदेश की सभी 450 से अधिक भाजपा मंडल इकाइयों, बड़े गांवों, ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों और विकासखण्ड मुख्यालयों में जन-जागरण के लिए तिरंगा यात्राएं निकाली जाएंगीं। साव ने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए नगरीय निकायों, जिला पंचायतों और पार्टी पदाधिकारियों की वर्चुअल बैठक हो चुकी है, साथ ही रायपुर शहर एवं ग्रामीण जिलों की बैठकें भी आयोजित की जा चुकी हैं।
10 अगस्त को तेलीबांधा तालाब परिसर से शुरू हाेगी यात्रा
उन्होंने बताया कि 10 अगस्त को राजधानी के मरीन ड्राइव से तिरंगा यात्रा का ऐतिहासिक शुभारंभ सुबह 10 बजे होगा। इस यात्रा में मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, सांसद, विधायक, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी, एनसीसी कैडेट्स, स्काउट्स, पूर्व सैनिक, खिलाड़ी, स्वयंसेवी संस्थाएं, धर्माचार्य और विभिन्न समाजों के विशिष्ट जन शामिल होंगे। यात्रा को यादगार बनाने के लिए लोग पारंपरिक वेशभूषा, वाद्य यंत्रों, घोड़ों और सवारियों के साथ शामिल होंगे।
डिजिटल तिरंगा अभियान
साव ने सोशल मीडिया पर ‘डिजिटल तिरंगा’ अभियान की जानकारी देते हुए नागरिकों से अपील की है कि वे हर घर, दुकान, संस्थान और कार्यालय पर तिरंगा लहराएँ तथा अपनी फोटो व वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड करें। इससे पूरी दुनिया में यह संदेश जाएगा कि भारत अपनी आजादी का पर्व कितने गौरव और उल्लास के साथ मना रहा है।
शहीदों के परिजनों को सम्मान और तिरंगा भेंट
प्रेस कांफ्रेंस में उप मुख्यमंत्री शर्मा ने यह भी बताया कि 31 मार्च, 2026 तक बस्तर में चले नक्सल उन्मूलन अभियान व शांति स्थापना के इस पूरे उपक्रम में जिन वीर जवानों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है, उनके घरों पर जाकर युवा मोर्चा व पार्टी कार्यकर्ता तिरंगा भेंट कर रहे हैं और शहीद परिवारों से आत्मीय मुलाकात कर उनका आभार व्यक्त कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त के अवसर पर बस्तर संभाग में 500 से अधिक स्थानों, जिनमें स्कूल, प्रमुख चौराहे और सामुदायिक भवन शामिल हैं, का नामकरण देश व प्रदेश के अमर शहीदों के नाम पर किया जाएगा। पत्रकार वार्ता में भाजपा प्रदेश महामंत्री तिरंगा अभियान के प्रदेश प्रभारी यशवंत जैन, प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कण्डेय, प्रदेश मंत्री अमित साहू, प्रदेश मीडिया संयोजक हेमंत पाणिग्रही, जिला महामंत्री अमित मैशेरी, प्रदेश मीडिया सह संयोजक गोविन्दा गुप्ता, जिला मीडिया प्रभारी रोहित द्विवेदी मौजूद थे।
