शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर रायगढ़ के डॉक्टर से 34.17 लाख रुपये की ठगी, म्यूल बैंक खातों और सिम कार्ड के जरिए देशभर में फैला था नेटवर्क
रायगढ़। शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ऑनलाइन ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर सिंडिकेट का रायगढ़ पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन युवतियों समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में गिरोह का नेटवर्क इंदौर स्थित एक कॉल सेंटर से संचालित होने की जानकारी सामने आई है। आरोपियों पर रायगढ़ के एक डॉक्टर से 34.17 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी करने का आरोप है।इंदौर के कॉल सेंटर से संचालित हो रहा था नेटवर्कपुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का लालच देकर रायगढ़ के डॉक्टर को अपने जाल में फंसाया और उनसे 34.17 लाख रुपये की ठगी की। जांच के दौरान पुलिस को इंदौर से संचालित साइबर ठगी के नेटवर्क के बारे में अहम जानकारी मिली। इस नेटवर्क के जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों को निशाना बनाए जाने की आशंका है।खुद साइबर थाने पहुंचकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिशमामले में एक आरोपी की चालाकी भी सामने आई है। बताया गया है कि खाते में पांच लाख रुपये की संदिग्ध रकम आने के बाद खाते पर होल्ड लग गया था। इसके बाद आरोपी खुद साइबर थाना रायगढ़ पहुंचा और खाते में रकम होल्ड होने की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस के अनुसार, यह कदम जांच को भटकाने और खुद पर संदेह कम करने की कोशिश का हिस्सा था।म्यूल खातों और सिम कार्ड से होता था रकम का लेनदेनजांच में साइबर ठगी की रकम के लेनदेन के लिए म्यूल बैंक खातों और सिम कार्ड के इस्तेमाल की जानकारी सामने आई है। म्यूल खाते ऐसे बैंक खाते होते हैं, जिनका उपयोग ठगी समेत अवैध गतिविधियों से प्राप्त रकम को एक जगह से दूसरी जगह भेजने के लिए किया जाता है।पुलिस जांच में यह भी जानकारी सामने आई है कि साइबर ठगी के लिए आरोपियों ने करीब 140 से 150 सिम कार्ड उपलब्ध कराए थे। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन और बैंकिंग से जुड़े विवरण जब्त किए हैं। इनकी मदद से ठगी के नेटवर्क और पैसों के लेनदेन की कड़ियों को खंगाला जा रहा है।दो साइबर अपराधों का खुलासा, कई राज्यों में नेटवर्क की तलाशपुलिस के मुताबिक, पांचों आरोपियों की गिरफ्तारी से साइबर थाना रायगढ़ में दर्ज दो मामलों का खुलासा हुआ है। गिरफ्तार आरोपियों को रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, संदिग्ध बैंक खातों और विभिन्न राज्यों में फैले संपर्कों की जांच कर रही है।रायगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई से शेयर ट्रेडिंग के नाम पर होने वाली ऑनलाइन ठगी और उसके लिए इस्तेमाल किए जाने वाले बैंक खातों व सिम कार्ड के नेटवर्क की पड़ताल में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है।