ट्रेड यूनियनों की मशाल रैली आज,आप प्रदेश अध्यक्ष ने कहा- केंद्र सरकार 4 लेबर कोड रद्द करें
रायपुर.
मजदूर विरोधी श्रम संहिता की वापसी सहित केंद्र सरकार की मजदूर, किसान एवं जनविरोधी नीतियों के खिलाफ इंटक, एच एम एस, एटक, सीटू, ऐक्टू सहित केन्द्र, राज्य, बैंक, बीमा, संगठित, असंगठित श्रमिकों के ट्रेड यूनियनों द्वारा 9 जुलाई को देशव्यापी हड़ताल की जाएगी। इसके पहले 8 जुलाई मंगलवार को हड़ताल के साथ आम जनता को एकजुट करने रायपुर सहित पूरे प्रदेश में मशाल, कैंडल लाइट, मोटर साइकल रैली निकाली जाएगी। रायपुर में मशाल रैली शाम छह बजे से कर्मचारी भवन सप्रे स्कूल से प्रारंभ होकर निगम कार्यालय, छोटापारा, कोतवाली, बिजली आफिस चौक से वापस सप्रे स्कूल पहुंचेंगी। जहां एक सभा होगी।
वहीं आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल साहू ने केंद्र के 4 लेबर कोड के विरोध में देश के समस्त ट्रेड यूनियनों की हड़ताल का समर्थन किया है। साथ ही उन्होंने केन्द्र सरकार की भाजपा सरकार से चार लेबर कोड रदद् करने की मांग की है। उन्होंने कहा, कोरोना महामारी के दौरान जब देश की जनता जिन्दगी और मौत की लड़ाईलड़ रही थी, मजदूरों के 44 श्रम कानूनों में से 29 प्रभावशाली कानूनों को खत्म कर चार नए लेबर कोड (श्रम संहिता) बनाए। इन 4 नए कोड लागू होने पर मजदूरों ने अपने संघर्षों और बलिदानों से जो श्रम कानून हासिल किए थे, भाजपा सरकार ने उसे खत्म कर दिया। सरकार ने यूनियन बनाना, पंजीकरण करवाना लगभग असंभव कर दिया और अगर यूनियन बन भी गई तो सरकार उसे कभी भी खत्म कर सकती है। धरना, प्रदर्शन और हड़ताल करने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 111 के तहत जेल और जुर्माने का प्रावधान किया गया है। स्थाई रोजगार की जगह, बीजेपी सरकार निश्चित अवधि, प्रशिक्षु, आउटसोर्स, और हर काम का ठेकाकरण नया फरमान ले आई है। स्थाई नौकरी ना होने पर मजदूर अपने अधिकार के लिए लामबंद नहीं हो सकेंगे और ग्रेच्युटी व अन्य लाभों से वंचित हो जाएंगे। बिना नोटिस के मजदूरों को नौकरी से निकाला जा सकता है। कारखाने में 40 से कम मजदूर होने पर न्यूनतम वेतन, ई.पी.एफ, व अन्य श्रम कानून लागू नहीं होंगे।
