स्वदेशी विचार को गांव-गांव और घर-घर पहुंचाने का लें संकल्प : उप मुख्यमंत्री साव

0
IMG-20250713-WA0011

बिलासपुर।

स्वदेशी जागरण मंच के कार्यशाला में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि वर्षों की पराधीनता और अंग्रेजी शिक्षा पद्धति ने देशवासियों के मन में हीन भावना भर दी थी। परिणामस्वरूप, देशवासी अपने देश में बने उत्पादों को तुच्छ समझने लगे और विदेशी वस्तुओं को गर्व के साथ अपनाने लगे। यह एक गहरी साजिश थी, जिसकी समाज को भनक तक नहीं लगी, और भारत धीरे-धीरे अवनति की ओर बढ़ता चला गया।

साव ने कहा कि अब समय आ गया है जब हमें भारत की सुप्त क्षमताओं को पुनः जागृत करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वदेशी जागरण मंच के माध्यम से गांव-गांव और घर-घर तक स्वदेशी विचारधारा को पहुंचाया जाएगा।

उन्होंने आह्वान किया कि यदि हम स्वाभिमान का संकल्प लेकर चलें, तो कोई ताकत हमें प्रगति के पथ से नहीं रोक सकती। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘लोकल फॉर वोकल’ का विचार देश को आत्मनिर्भरता की ओर ले जा रहा है। स्वदेशी सोच को यदि धरातल पर उतारा जाए, तो भारत विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्था बन सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब भारत विदेशी ताकतों के सामने दबने या झुकने वाले नहीं हैं। देश में स्वाभिमान की भावना फिर से जाग उठी है और यही आत्मबल भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

कार्यशाला में स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय सह संगठक सतीश कुमार, समन्वय सुधीर दाते जी, स्वदेशी जागरण मंच के प्रांत प्रमुख जगदीश पटेल जी, प्रांत की महिला कार्य प्रमुख अरुणा दीक्षित जी, क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर परवानी जी, उद्यमी प्रवीण झा, महापौर पूजा विधानि, जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता मौजूद थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *