थाली बजाकर हेल्थ कर्मचारियों ने सरकार को वादा याद दिलाया
रायपुर।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत कार्यरत 16,000 संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का विरोध-प्रदर्शन सातवें दिन भी जारी रहा। Isb कर्मचारियों ने राज्य सरकार अपनी मांगों का वादा याद दिलाया। कर्मचारियों की नियमितीकरण, नौकरी की सुरक्षा, ग्रेड पे, 27% वेतन वृद्धि, मेडिकल बीमा, अनुकंपा नियुक्ति सहित दस सूत्रीय मांगे शामिल है।
जानकारी के अनुसार राज्य के सभी 33 जिला मुख्यालयों में कर्मचारियों ने ताली और थाली बजाकर सरकार को अपने वादे याद दिलाए और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
सरकार पर आरोप – “भूल गई वादे, कर रही कोरोना योद्धाओं का अपमान”
NHM संविदा कर्मचारियों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि कोविड काल में हमें कोरोना वॉरियर्स कहकर ताली और थाली बजवाई गई, लेकिन आज वही कर्मचारी अपनी मांगों के लिए सड़कों पर हैं और अपने लिए खुद ताली और थाली बजाने पर मजबूर हैं। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो राज्यभर में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होंगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
20 वर्षों से लंबित मांगें, सौंपे 100 से अधिक ज्ञापन
प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित मिरी ने बताया कि NHM कर्मचारी पिछले दो दशकों से अपने नियमितीकरण, सेवा शर्तों में सुधार, समान कार्य-समान वेतन जैसी मांगों को लेकर लगातार ज्ञापन, आंदोलन और अनुनय-विनय कर रहे हैं। “मोदी की गारंटी” और अन्य चुनावी वादों के बावजूद आज तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। उन्होंने बताया कि अब तक 100 से अधिक ज्ञापन मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और उच्च अधिकारियों को सौंपे जा चुके हैं, लेकिन परिणाम शून्य ही रहा है।आंदोलन का चरणबद्ध कार्यक्रमइस आंदोलन को एक संगठित चरणबद्ध रूप दिया गया है।10 जुलाई: सभी विधायकों को ज्ञापन सौंपा गया11 जुलाई: भाजपा जिला अध्यक्षों को ज्ञापन12–15 जुलाई: काली पट्टी लगाकर कार्य किया गया16 जुलाई: जिला स्तरीय धरना व रैली17 जुलाई: ताली-थाली रैली और कलेक्टरों को ज्ञापन
