कृषि उपज मंडी में अब ई-व्यापार, विरोध में विपक्ष ने सदन की कार्यवाही का किया बष्हिकार

0
11-6-750x470

– विधानसभा में कृषि उप मंडी संशोधन विधेयक पारित । रायपुर.विधानसभा के मानसून सत्र में बुधवार को छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी अधिनयिम 1971 ( क्रमांक 24, साून 1973) संशोधन विधेयक पारित किया गया। इस संशोधन विधेयक को लेकर विपक्ष के कांग्रेस विधायकों ने विरोध करते हुए सदन का बर्हिगमन किया। साथ नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा, जो संशोधन विधेयक लाया गया है, वहां किसानों के हित में नहीं है। यह केंद्र के तीन काले काननू के सामान है। इस संशोधन विधेयक पारित होने से प्रदेश के किसानों को नुकसान होगा। कृषि उप मंडियों में बड़े व्यापारियों अपनी मनमानी करेंगे। किसानों का उपज औने-पौने दाम में खरीदेंगे। इसलिए इस बिल का विपक्ष विरोध करता है।

विपक्ष के विरोध के बाद कृषि मंत्री राम विचार नेताम में बिल पर चर्चा के जवाब के जवाब में कहा, इस संशोधन विधेयक में विक्रेताओं को फायदा होगा। प्रदेश के किसानों को एक बड़ा बजार मिलेगा। उपज का बाजार मूल्य से अधिक लागत मिलेगी। इस संशोधन विधेयक में कृषि मंडी अधिनियम के तहत जो नियम थे, उसमें से सिर्फ कारावास के प्रावधान को हटाया गया है। मंडी अधिनियम का उल्लंघन करने वाले व्यापारियों, किसानों और अन्य पर जुर्माना लगाया जाएगा। मंत्री नेताम ने कहा, विक्रेताओं को उनके अधिसूचित कृषि उपज की अधिकतम कीमत प्राप्त इस दृष्टि से प्रदेश के व्यापारी भी ई-नाम के माध्यम से अधिसूचित कृषि उपज कर सके, इसके अतिरिक्त ई-व्यापार मंच तथा व्यापार की सगुमता हो इसलिए आंशिक संशोधन किया जा रहा है।ये संशोधन विधेयक भी पारित हुए

सदन में बुधवार को छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय स्थापना एवं संचालन संशोधन विधेयक 2025, छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक 2025 और छत्तीसगढ़ बकाया कर, ब्याज एवं शास्ति के निपटान संशोधन विधेयक 2025 पारित किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *