वैष्णव एवं ब्राह्मण समाज पर समाज की बड़ी जिम्मेदारी – राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास
रायपुर।
श्री दूधाधारी मठ सत्संग भवन रायपुर में रविवार को छत्तीसगढ़ श्री वैष्णव महासभा द्वारा युवक-युवती परिचय सम्मेलन, जनप्रतिनिधि सम्मान एवं तीज मिलन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज, स्वामी राजीव नयन दास जी महाराज सहित अनेक संत-महात्माओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान लक्ष्मीनारायण के तैलचित्र पर दीप प्रज्वलन और स्वस्तिवाचन से हुआ। मातृशक्ति ने तिलक-आरती कर संत महात्माओं का अभिनंदन किया। अतिथियों का स्वागत शाल, श्रीफल और पुष्पमालाओं से किया गया।

समाजजनों को संबोधित करते हुए महामंडलेश्वर राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी ने कहा कि “वैष्णव और ब्राह्मण समाज सदैव समाज की प्रथम पंक्ति में बैठने वाले समाज हैं। पूरे समाज का विश्वास इन पर टिका होता है, इसलिए इनके कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी भी है। समाज में सुमति का विकास होगा तो समृद्धि अपने आप बढ़ेगी।”
वहीं स्वामी राजीव नयन दास जी ने कहा कि इस प्रकार के उत्सव समाज को जोड़ते हैं। यहां युवक-युवती परिचय सम्मेलन, जनप्रतिनिधि सम्मान और तीज मिलन महोत्सव एक साथ होने से हर वर्ग के लोगों को खुलकर विचार साझा करने का अवसर मिलता है। उन्होंने जगतगुरु रामानंदाचार्य का उल्लेख करते हुए कहा – “जाति पाति पूछे नहीं कोई, हरि को भजे सो हरि का होई।”
इस अवसर पर समाज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं, निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह भी भेंट किए गए।
कार्यक्रम में विशेष रूप से महन्त राधामोहन दास जी, महन्त गणेश्वर दास जी, महन्त सुरेंद्र दास जी, तुरतुरिया धाम के रामबालक दास जी, हास्य कवि रामेश्वर दास जी, प्रतुल वैष्णव, ईशान वैष्णव, पन्ना दास जी, नंदकिशोर वैष्णव, सौरभ निर्माणी, देव कुमार निर्वाणी, हरिदास वैष्णव, वैभव वैष्णव, राजेंद्र वैष्णव, महेंद्र वैष्णव, निर्मल दास वैष्णव सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।वैष्णव समाज की महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में भाग लेकर आयोजन की गरिमा बढ़ाई। कार्यक्रम का संचालन संतोष वैष्णव ने किया।
