गणेशोत्सव में डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध, ध्वनि विस्तारक यंत्र तय सीमा और समय पर ही उपयोग करने के निर्देश
रायपुर.
आगामी गणेशोत्सव को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने के लिए जिला एवं पुलिस प्रशासन ने सख्त तैयारी कर ली है। इसी कड़ी में आज रेडक्रॉस सभाकक्ष में एडीएम उमाशंकर बन्दे और एएसपी लखन पटले की अध्यक्षता में डीजे संचालकों की बैठक आयोजित हुई। बैठक में नगर निगम, ट्रैफिक और संबंधित विभागों के अधिकारी भी शामिल रहे।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि इस वर्ष गणेशोत्सव के दौरान डीजे बजाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। केवल ध्वनि विस्तारक यंत्र तय सीमा और समय में ही उपयोग किए जा सकेंगे। अस्पताल, स्कूल और सार्वजनिक स्थलों से 100 मीटर के दायरे में डीजे एवं लाउडस्पीकर का प्रयोग सख्ती से वर्जित रहेगा।
एएसपी श्री लखन पटले ने डीजे संचालकों को एनजीटी और माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करने की चेतावनी देते हुए कहा कि नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। रात 10 बजे के बाद किसी भी प्रकार का ध्वनि विस्तारक यंत्र उपयोग नहीं किया जा सकेगा। ट्रैफिक पुलिस द्वारा लगाए गए CCTV कैमरों से निगरानी की जाएगी और नियम उल्लंघन पर चालानी कार्यवाही होगी। बार-बार उल्लंघन पर वाहन राजसात भी किया जाएगा।
डीजे संचालकों और आयोजकों को दिए गए मुख्य निर्देश
गाड़ियों पर साउंडबॉक्स रखकर डीजे बजाने पर वाहन और उपकरण जब्त किए जाएंगे।
नियमों का पालन नहीं करने पर माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों की अवमानना मानी जाएगी।
पुलिस, स्थानीय प्रशासन और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम लगातार निगरानी करेगी।
स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, कोर्ट और कार्यालयों से 100 मीटर के भीतर लाउडस्पीकर पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे।
कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 का उल्लंघन करने पर ध्वनि विस्तारक जब्त किए जाएंगे।
ध्वनि सीमा (डेसिबल-डीबी)
औद्योगिक क्षेत्र: सुबह 75, रात 70
वाणिज्यिक क्षेत्र: सुबह 65, रात 55
आवासीय क्षेत्र: सुबह 55, रात 45
शांत क्षेत्र: सुबह 50, रात 40
बैठक में एएसपी ट्रैफिक डॉ. प्रशांत शुक्ला, सीएसपी दौलत राम पोर्ते, अन्य विभागीय अधिकारी एवं डीजे संचालक उपस्थित रहे।
