छत्तीसगढ़ में ऐतिहासिक पहल — “छुआछूत मुक्त प्रांत” की ओर कदम, UCC लागू करने पर बनी सर्वसम्मति
रायपुर।
राजधानी रायपुर के विमतारा सभा भवन में सर्व समाज समन्वय महासभा की जिला कार्यकारिणी का उच्च सदन एक ऐतिहासिक निर्णय का साक्षी बना। प्रांत अध्यक्ष प्रो. डॉ. संजीव कर्मकार ‘वशिष्ठ’ एवं प्रांत संरक्षक श्री उदयभान सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस बैठक में दो महत्वपूर्ण प्रस्तावों — “छुआछूत मुक्त छत्तीसगढ़” और यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने — को सर्वसम्मति से सामाजिक स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक के मुख्य अतिथि राजमहंत सावला राम धाहरे जी रहे। उच्च सदन ने माना कि सामाजिक समानता और राष्ट्रीय एकता की दिशा में यह कदम छत्तीसगढ़ को एक नए युग में प्रवेश दिलाएगा।
बैठक में प्रदेशभर से अनेक गणमान्य जनप्रतिनिधि, विद्वान एवं समाजसेवी उपस्थित रहे, जिनमें श्रीमती शीला प्रजापति, श्री एल.एल. कोसले, श्री अनिल पुस्दकर, श्री संजीव सोनी, श्री सोमनाथ साहू, श्री सुधीर यादव, श्री आशीष धनगर, श्री रामकृष्ण धीवर, डॉ. किरण बघेल, श्री सुरेश शुक्ला, श्री संजय शुक्ला, श्री गुरुमुख सिंह, श्री बुद्धेश्वर सोनावानी, श्री सुरेश नेताम, श्री कविराज बिन्झलेकर सहित सैकड़ों लोग शामिल हुए।
बैठक का संचालन एवं समन्वयन श्रीमती सुषमा पटनायक, सुश्री नीता लावनिया एवं श्री सत्यदेव वर्मा द्वारा किया गया। वहीं उच्च सदन के उपसभापति डॉ. डी. के. महंती, श्रीमती अरुणलता श्रीवास्तव, श्री पन्नालाल सिन्हा एवं श्री मेवालाल सिन्हा समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारियों ने मार्गदर्शन दिया।
गौरतलब है कि इस प्रकार की बैठकें पूर्व में बस्तर, नारायणपुर, कांकेर, महासमुंद, धमतरी और बालोद जिलों में भी सम्पन्न हो चुकी हैं। अब पूरे प्रांत को “छुआछूत मुक्त” बनाने और UCC लागू करने की औपचारिक घोषणा आगामी 19 सितम्बर 2025 को रायपुर में आयोजित प्रांतीय महासम्मेलन में की जाएगी।
👉 यह निर्णय न केवल सामाजिक समरसता की दिशा में एक ठोस कदम है, बल्कि छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय एकता और समान नागरिक अधिकारों का आदर्श प्रांत बनाने की ओर भी अग्रसर करेगा।
